
रुद्रप्रयाग: गुप्तकाशी क्षेत्र के राउलैंक गांव में हिमालयन घुरल के अवैध शिकार का मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
घटनाक्रम तब सामने आया जब वन विभाग को सूचना मिली कि गांव में घुरल का शिकार कर उसके मांस को पकाया जा रहा है। टीम मौके पर पहुँची तो घर में पक रहा मांस और शिकारी की गतिविधियाँ संदेहास्पद दिखीं। पूछताछ में आरोपी और उसके परिजनों ने शिकार की बात स्वीकार कर ली।
वन अधिकारियों ने बताया कि हिमालयन घुरल को मारना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की सख्त धाराओं के तहत अपराध है। यह प्रजाति अनुसूची-प्रथम में आती है, यानी संरक्षण सूची की सबसे संवेदनशील श्रेणी में।
उप प्रभागीय वनाधिकारी डीएस पुंडीर ने कहा— “यह सिर्फ शिकार नहीं, बल्कि कानून का खुला उल्लंघन है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि लोग सबक लें।”
स्थानीय प्रतिक्रिया
गाँव में इस घटना के बाद लोगों में नाराज़गी भी है।
एक ग्रामीण ने कहा— “जंगल हमारा है, जानवर भी हमारे ही हैं… ऐसे शिकार से पूरा पारिस्थितिकी तंत्र बिगड़ता है। वन विभाग ने सही काम किया है।”
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि पिछले कुछ महीनों से क्षेत्र में जंगली जानवरों का दबाव बढ़ा है और अवैध शिकार के छोटे-मोटे मामले सामने आते रहते हैं।
वन विभाग की कार्रवाई
टीम ने मौके से कई साक्ष्य भी जब्त किए हैं और बताया कि पहाड़ी इलाकों में गश्त को बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जागरूकता ही ऐसी घटनाओं को रोकने का सबसे बड़ा तरीका है।







