
रुद्रप्रयाग: रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी पर बन रहा 200 मीटर लंबा पुल अब लगभग पूरा होने के करीब है। परियोजना के अंतिम हिस्सों पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। पुल निर्माण पूरा होने पर बदरीनाथ और केदारनाथ हाईवे आपस में जुड़ जाएंगे, जिससे चारधाम यात्रियों को शॉर्टकट मार्ग मिलेगा और रुद्रप्रयाग शहर में लंबे समय से बनी जाम की समस्या से भी राहत मिल सकेगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
रुद्रप्रयाग में लंबे समय से शहर के भीतर यातायात दबाव बढ़ता रहा है। चारधाम यात्रा के दौरान यह समस्या और बढ़ जाती है। यातायात को सुव्यवस्थित करने और हाईवे को जोड़ने के लिए केंद्र सरकार की इस महत्वपूर्ण परियोजना में 900 मीटर सुरंग और 200 मीटर पुल का निर्माण शामिल है।
सुरंग का काम पूरा हो चुका है, जबकि अब पुल के शेष हिस्से को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
आधिकारिक जानकारी
परियोजना पर कुल 156 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। निर्धारित समय सितंबर 2025 था, लेकिन कुछ तकनीकी चुनौतियों के कारण काम प्रभावित हुआ। इसके बावजूद संबंधित विभाग का दावा है कि काम अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और मार्च 2026 तक पुल पूरी तरह तैयार कर दिया जाएगा।
एनएच लोनिवि खंड के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडेय ने बताया कि नया पुल आगामी यात्रा सीजन से पहले वाहनों की आवाजाही के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ हाईवे को बदरीनाथ हाईवे से जोड़ने वाली यह परियोजना क्षेत्र के लोगों और यात्रियों दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट ने भी परियोजना को केंद्र सरकार की प्राथमिकता बताया और कहा कि पुल और सुरंग के बाद रुद्रप्रयाग शहर की जाम समस्या से काफी हद तक छुटकारा मिलेगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय व्यापारियों और वाहन चालकों ने कहा कि रुद्रप्रयाग में ट्रैफिक लंबे समय से प्रमुख समस्या रहा है। बाईपास और पुल के निर्माण से राहत मिलने की उम्मीद है। कई लोगों का मानना है कि चारधाम यात्रा के दौरान शहर की सड़कों पर लगने वाली भीड़ अब काफी कम होगी।
जवाड़ी बाईपास की स्थिति
इस बरसात में भारी भू-धंसाव से जवाड़ी बाईपास बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके कारण सभी वाहन शहर के मुख्य बाजार से होकर गुजर रहे थे और लगातार जाम की स्थिति बन रही थी।
एनएच विभाग के अनुसार बाईपास पर उपचारात्मक कार्य अंतिम चरण में है और अगले दो सप्ताह में मार्ग को सुचारू कर देने की संभावना है। बाईपास के खुलते ही शहर के मुख्य बाजार से यातायात का दबाव कम होगा।
अगला कदम / आगे क्या
अलकनंदा पुल के निर्माण के साथ ही सुरंग, बायपास और हाईवे कनेक्टिविटी का काम पूरा होने पर रुद्रप्रयाग और चमोली दोनों जिलों को यातायात में बड़ा लाभ मिलेगा। चारधाम यात्रा के दौरान वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होने से आपात स्थितियों में भी आवाजाही सुगम होगी।
विभाग ने कहा है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के लिए श्रमिकों और मशीनरी की संख्या बढ़ाई गई है।





