
ऋषिकेश: ऋषिकेश स्थित श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर में छात्र सुविधाओं और लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर छात्रसंघ और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आंदोलन छेड़ दिया है। मांगों को लेकर आंदोलित छात्र अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक ठोस और समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पं. ललित मोहन शर्मा परिसर विश्वविद्यालय का प्रमुख परिसर माना जाता है, लेकिन यहां लंबे समय से शिक्षकों की कमी, आधारभूत सुविधाओं का अभाव और प्रशासनिक सुस्ती की शिकायतें सामने आती रही हैं। छात्रों का आरोप है कि बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
अनशन पर बैठे छात्र नेता
छात्रसंघ अध्यक्ष मयंक भट्ट, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि रोहित राम, सक्षम चौहान और अक्षत बिजल्वाण ने परिसर में अनशन शुरू किया। आंदोलन में एबीवीपी के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। छात्र नेताओं का कहना है कि सुविधाओं के अभाव का सीधा असर पढ़ाई और छात्र जीवन पर पड़ रहा है।
छात्रों की प्रमुख मांगें
छात्रों ने प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखी हैं, जिनमें परिसर की सफाई व्यवस्था मजबूत करना, पुस्तकालय में पुस्तकों की समुचित उपलब्धता, जनसुविधा केंद्र की स्थापना, नॉन-एनईपी से जुड़ी समस्याओं का समाधान, शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विभागों में नियुक्तियां, परिसर में शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था, छात्राओं के लिए छात्रावास निर्माण व सौंदर्यीकरण, समर्थ पोर्टल की सुचारु कार्यप्रणाली के लिए कैंप कार्यालय, आरटीआई के तहत समय पर सूचना उपलब्ध कराना और पुरुष छात्रावास की मरम्मत शामिल है।
शिक्षकों की कमी बनी बड़ी समस्या
छात्रों के अनुसार संस्कृत, संगीत, गृह विज्ञान और शिक्षा विभाग में केवल एक-एक शिक्षक तैनात हैं, जिन पर स्नातक और परास्नातक दोनों स्तर की जिम्मेदारी है। शिक्षक के अवकाश पर होने से पठन-पाठन बाधित हो जाता है। इसके अलावा कुछ विभाग ऐसे भी हैं, जहां सिर्फ दो-दो शिक्षक कार्यरत हैं।
सीमित संसाधनों में भी बेहतर प्रदर्शन
शिक्षकों और संसाधनों की कमी के बावजूद परिसर के छात्र-छात्राएं शैक्षणिक गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। 23 जनवरी को प्रस्तावित छठे दीक्षांत समारोह की स्वर्ण पदक सूची में परिसर के चार छात्र-छात्राओं का नाम शामिल है। इससे पहले भी पांचवें दीक्षांत समारोह में यहां के छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। छात्र नेताओं का कहना है कि यदि सुविधाएं बढ़ाई जाएं तो उपलब्धियां और बढ़ सकती हैं।
आधिकारिक जानकारी
विश्वविद्यालय के कुलसचिव दिनेश चंद्र ने बताया कि आंदोलित छात्रों से वार्ता कर उन्हें एक पत्र दिया गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों की अधिकांश मांगों पर कार्रवाई कर दी गई है और शेष मांगों पर नियमानुसार प्रक्रिया के तहत कदम उठाए जाएंगे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
परिसर के अन्य छात्रों का कहना है कि अनशन प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का अंतिम विकल्प है। वे उम्मीद जता रहे हैं कि बातचीत के जरिए जल्द समाधान निकलेगा, ताकि शैक्षणिक माहौल प्रभावित न हो।
आगे क्या होगा
छात्रों ने स्पष्ट किया है कि यदि आश्वासन के अनुरूप कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि बातचीत जारी है और समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।







