
ऋषिकेश: केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदले जाने और प्रावधानों में बदलाव को लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। बुधवार को ऋषिकेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 14-बीघा नए पुल के पास प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महात्मा गांधी के नाम और मूल्यों को योजनाबद्ध तरीके से हटाने का प्रयास कर रही है और इससे रोजगार के कानूनी अधिकार को कमजोर किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसमें बदलाव से गरीब व श्रमिक वर्ग सीधे प्रभावित होंगे।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मनरेगा को देश के सबसे बड़े रोजगार गारंटी कानूनों में माना जाता है, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिन के रोजगार का कानूनी अधिकार सुनिश्चित किया। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा नाम और प्रावधानों में बदलाव इस कानून की मूल भावना के खिलाफ है और इससे अधिकार आधारित कल्याण की जगह नियंत्रण आधारित व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
आधिकारिक जानकारी
कांग्रेस जिला अध्यक्ष उत्तम सिंह असवाल ने कहा कि भाजपा सरकार ने मनरेगा को कमजोर करने के लिए एक खतरनाक कदम उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय महात्मा गांधी के नाम और उनके मूल्यों को लोक कल्याणकारी कानून से हटाने की सोची-समझी राजनीतिक चाल है, जिससे रोजगार अधिकार कानून की ताकत कम होगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि मनरेगा ने ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक रोजगार दिया है। उनका आरोप है कि योजना में बदलाव से मजदूरों और गरीब तबके को नुकसान होगा और राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ेगा।
राजनीतिक बयान
वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिनेश भट्ट ने कहा कि आजादी के आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी योजना में बदलाव भाजपा और आरएसएस की विचारधारा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में मनरेगा ही लाखों लोगों के लिए जीवनरेखा बनी थी, बावजूद इसके इसे कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र और राज्य के अंशदान अनुपात को 90:10 से बदलकर 60:40 किए जाने पर भी आपत्ति जताई।
आंकड़े / तथ्य
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, मनरेगा के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई थी। नए प्रस्तावित बदलाव से राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
आगे क्या होगा
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि मनरेगा में प्रस्तावित बदलाव वापस नहीं लिए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पार्टी ने केंद्र सरकार से योजना की मूल संरचना और नाम को यथावत रखने की मांग की है।






