
ऋषिकेश: मकर संक्रांति के पावन पर्व पर ऋषिकेश के गंगा तटों पर श्रद्धा और विश्वास का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। कड़ाके की ठंड के बावजूद सूर्य की पहली किरण के साथ ही श्रद्धालुओं का हुजूम घाटों पर उमड़ पड़ा। शंखनाद और “जय मां गंगे” के जयकारों के बीच भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई, पूजा-अर्चना की और दान-पुण्य कर सुख-समृद्धि की कामना की। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि लोक परंपराओं और सामूहिक सहभागिता का भी सशक्त उदाहरण रहा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मकर संक्रांति पर गंगा स्नान की परंपरा सदियों पुरानी है। मान्यता है कि इस दिन स्नान, दान और जप से पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते पर्व के दिन तड़के से ही श्रद्धालु गंगा घाटों की ओर पहुंचने लगे।
गंगा घाटों पर उमड़ी भीड़
सुबह से ही त्रिवेणी घाट, मुनि की रेती, तपोवन, स्वर्गाश्रम और लक्ष्मणझूला सहित विभिन्न घाटों और तटों पर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। भक्तों ने गंगा में दीपदान, दुग्धाभिषेक और विधिवत पूजा-पाठ कर स्नान किया।
दान-पुण्य और सेवा
स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने घाटों पर बैठे साधु-संतों और जरूरतमंदों को चावल, दाल, वस्त्र और धन का दान किया। मान्यता के अनुसार इस दिन किया गया दान विशेष फलदायी माना जाता है, जिसे लेकर लोगों में खास उत्साह नजर आया।
देव डोलियों की विशेष छटा
पर्वतीय क्षेत्रों से देव डोलियां अपने नेजा-निशान के साथ गंगा घाटों पर पहुंचीं। ढोल-दमाऊ की थाप पर देव डोलियों का आगमन श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। घाटों पर देव डोलियों का आपसी मिलन हुआ और वे एक-दूसरे के साथ खेलती नजर आईं। कई श्रद्धालुओं पर पाश्वा भी अवतरित हुआ, जिन्हें देव डोलियों द्वारा शांत कराया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
श्रद्धालुओं का कहना है कि मकर संक्रांति पर गंगा स्नान से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, देव डोलियों और लोक परंपराओं के साथ यह पर्व क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करता है।
खिचड़ी प्रसाद का वितरण
मकर संक्रांति के अवसर पर मुनि की रेती, तपोवन, लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, श्यामपुर और रायवाला क्षेत्रों में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया। उड़द दाल की खिचड़ी के साथ दही, अचार और पापड़ श्रद्धालुओं को परोसे गए। मुनि की रेती शीशमझाड़ी स्थित कात्यायनी मंदिर में भी बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
जनप्रतिनिधियों की सहभागिता
प्रेमचंद अग्रवाल ने त्रिवेणी घाट पर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर शंभू पासवान सहित अन्य जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
आगे क्या होगा
प्रशासन और सामाजिक संगठनों के अनुसार, आगामी पर्वों पर भी गंगा घाटों की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।







