
ऋषिकेश: ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र अंतर्गत कुनाऊं गांव में शनिवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब हिंदू संगठनों ने एक दुकान के भीतर मदरसे की शिक्षा दिए जाने का आरोप लगाया। आरोपों के बाद बड़ी संख्या में हिंदू संगठन मौके पर पहुंचे और मौलवी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग की। मामले ने तूल तब पकड़ा जब मौलवी के समर्थन में आए लोगों और हिंदू संगठनों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई, जो कुछ देर के लिए हाथापाई तक पहुंच गई। हालांकि समय रहते पुलिस के हस्तक्षेप से स्थिति को काबू में कर लिया गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हिंदू संगठनों का कहना है कि कुनाऊं गांव में पहले एक मदरसा संचालित था, जिसे न्यायालय के आदेश के बाद बंद कर दिया गया था। आरोप है कि अब उसी मदरसे की शिक्षा बगल की एक दुकान में गुपचुप तरीके से दी जा रही है। इसी सूचना के बाद संगठन एकजुट होकर मौके पर पहुंचे और विरोध दर्ज कराया।
आधिकारिक जानकारी
मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया। लक्ष्मणझूला थाना प्रभारी भुवन चंद पुजारी ने बताया कि हिंदू संगठनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
हिंदू संगठनों की ओर से बजरंग दल के नरेश उनियाल और राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राघवेंद्र भटनागर ने आरोप लगाया कि कोर्ट के आदेश से बंद मदरसे की शिक्षा अब अवैध रूप से एक दुकान में दी जा रही है। उन्होंने इसे कानून का खुला उल्लंघन बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
संगठनों ने यह भी कहा कि संबंधित मौलवी का न तो गृह क्षेत्र से और न ही वर्तमान थाने से पुलिस सत्यापन कराया गया है। इसके साथ ही आधार कार्ड में दर्ज नाम, पता और जन्मतिथि को लेकर भी संदेह जताया गया है।
आगे क्या होगा
पुलिस ने फिलहाल संबंधित व्यक्ति को मदरसे की शिक्षा अवैध रूप से न देने की हिदायत दी है। प्रशासन का कहना है कि मामले में पूरी जांच के बाद ही कोई ठोस कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन पुलिस पूरे मामले पर सतर्क नजर बनाए हुए है।







