
ऋषिकेश: योगनगरी ऋषिकेश में इस वर्ष होली का पर्व 4 मार्च 2026 (बुधवार) को मनाया जाएगा। पर्व को लेकर शहर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की ओर से सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर प्रारंभिक स्तर पर योजना बनाई जा रही है। होली के मद्देनजर इस बार भी बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटकों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
होलिका दहन 3 मार्च 2026 की शाम को परंपरागत रूप से किया जाएगा। शहर के विभिन्न मोहल्लों, मंदिर परिसरों और गंगा तट के समीप निर्धारित स्थलों पर विधि-विधान के साथ होलिका दहन होगा। प्रशासन की ओर से अग्नि सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
होली के दौरान ऋषिकेश में पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिलती है। वर्ष 2026 में ऋषिकेश में होली 4 मार्च को मनाई जाएगी, जबकि होलिका दहन 3 मार्च की शाम होगा। पर्व को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। गंगा घाटों, आश्रम क्षेत्रों और प्रमुख बाजारों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, वहीं होटल, रिसॉर्ट और कैंप संचालक भी इस अवधि को लेकर बुकिंग को लेकर आशावान हैं। होली के दौरान यात्रा की योजना बना रहे पर्यटकों के लिए ऋषिकेश में होली 2026 से जुड़ा यह ताजा अपडेट उपयोगी माना जा रहा है।
4 मार्च को रंगों की होली, घाटों और बाजारों में रहेगी चहल-पहल
4 मार्च को रंगों की होली के दिन रामझूला, लक्ष्मणझूला, त्रिवेणी घाट और आसपास के बाजारों में विशेष रौनक रहने की उम्मीद है। स्थानीय लोग, साधु-संत और पर्यटक एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं देंगे। शहर के कई हिस्सों में सुबह से ही ढोल-नगाड़ों और लोकगीतों के साथ होली का उत्सव शुरू हो जाता है।
आश्रमों में सादगीपूर्ण आयोजन, विदेशी श्रद्धालुओं की भागीदारी
ऋषिकेश के आश्रमों में होली अपेक्षाकृत शांत और अनुशासित माहौल में मनाई जाती है। कई आश्रमों में फूलों की होली, भजन-कीर्तन और सामूहिक प्रार्थना का आयोजन किया जाता है। हर साल बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालु और योग साधक इन आयोजनों में भाग लेने के लिए ऋषिकेश पहुंचते हैं, जिससे शहर की अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत होती है।
पर्यटन कारोबार को लेकर सकारात्मक संकेत
होली के चलते वीकेंड और अवकाश का लाभ मिलने की संभावना के कारण होटल, गेस्ट हाउस, रिसॉर्ट और कैंप संचालक अच्छी बुकिंग की उम्मीद जता रहे हैं। स्थानीय टूर ऑपरेटरों के अनुसार इस अवधि में योग रिट्रीट, रिवर राफ्टिंग और वीकेंड पैकेज की मांग बढ़ती है, जिससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को लाभ मिलता है।
प्रशासन और पुलिस की तैयारी
होली को देखते हुए पुलिस विभाग द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जा रही है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा सकती है। गंगा घाटों पर विशेष निगरानी रखने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए ट्रैफिक प्लान लागू किए जाने की संभावना है। प्रशासन ने आम लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखें।
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता पर जोर
नगर निगम और सामाजिक संगठनों की ओर से इस बार भी पर्यावरण-अनुकूल होली मनाने की अपील की जा रही है। लोगों से प्राकृतिक रंगों के उपयोग और गंगा में किसी भी प्रकार का रंग या अपशिष्ट न डालने का आग्रह किया गया है। होली के बाद शहर और घाटों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा।
ऋषिकेश में होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों का संगम भी है। यही कारण है कि हर साल इस पर्व के दौरान योगनगरी में उत्सव के साथ-साथ प्रशासनिक सतर्कता और पर्यटन की रौनक एक साथ देखने को मिलती है।







