
ऋषिकेश: बालश्रम की रोकथाम के लिए गठित जिला टास्क फोर्स ने ऋषिकेश में कार्रवाई करते हुए दो किशोरों को बालश्रम से मुक्त कराया है। एक किशोर दून मार्ग स्थित इंद्रमणि बड़ोनी चौक के पास खाने की ठेली पर काम करता मिला, जबकि दूसरा श्यामपुर क्षेत्र की एक मोटर रिपेयरिंग शॉप में कार्यरत पाया गया। दोनों को संरक्षण में लेकर बाल कल्याण समिति देहरादून भेज दिया गया है। श्रम विभाग ने संबंधित संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
सोमवार को जिला टास्क फोर्स के सदस्य नियमित चेकिंग अभियान पर निकले थे। जांच के दौरान उन्हें करीब 14 वर्ष आयु का एक किशोर ठेली पर भोजन परोसते हुए मिला। टीम ने तत्काल उसे संरक्षण में लिया। इसके बाद श्यामपुर क्षेत्र में एक मोटर रिपेयरिंग शॉप में भी लगभग इसी उम्र का एक अन्य किशोर काम करता पाया गया।
बालश्रम निषेध कानून के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कार्य में लगाना दंडनीय अपराध है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
श्रम प्रवर्तन अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि दोनों किशोरों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। मामले में खाने की ठेली और रिपेयरिंग शॉप संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस से शिकायत की जा रही है।
उन्होंने कहा कि बालश्रम के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि बालश्रम की घटनाएं अक्सर छोटे व्यवसायों में सामने आती हैं और नियमित निरीक्षण आवश्यक है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि बच्चों की शिक्षा और पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
आगे क्या होगा
बाल कल्याण समिति द्वारा दोनों किशोरों की काउंसलिंग और आवश्यक पुनर्वास प्रक्रिया पूरी की जाएगी। श्रम विभाग की ओर से संचालकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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