
ऋषिकेश के चंद्रेश्वरनगर क्षेत्र में मेयर शंभू पासवान ने बाढ़ सुरक्षा कार्यों के तहत 100 मीटर लंबे तटबंध निर्माण का भूमि पूजन किया। चंद्रभागा नदी के बरसाती स्वरूप के कारण क्षेत्र में हर साल बाढ़ का खतरा बना रहता है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह परियोजना शुरू की गई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
चंद्रेश्वरनगर सहित ऋषिकेश के कई निम्न क्षेत्र बरसाती चंद्रभागा नदी के उफान में आने से प्रभावित होते रहे हैं। स्थानीय लोगों की सुरक्षा और बाढ़ जोखिम को कम करने के लिए तटबंध निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही थी। नगर निगम ने अब इस दिशा में ठोस कार्रवाई शुरू की है।
आधिकारिक जानकारी
भूमि पूजन के दौरान मेयर शंभू पासवान ने बताया कि तटबंध निर्माण का उद्देश्य क्षेत्र को बाढ़ जोखिम से सुरक्षित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और इसे निर्धारित समय पर पूरा किया जाए।
मेयर ने बताया कि शहर को स्वच्छ रखने के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाहनों की संख्या 45 से अधिक कर दी गई है और संकरी गलियों में छोटे वाहनों की व्यवस्था भी की गई है। नगर निगम क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाने, बिजली लाइनों को भूमिगत करने सहित कई विकास कार्य जारी हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बरसात के समय चंद्रभागा नदी के उफान से चंद्रेश्वरनगर क्षेत्र में जलभराव और कटान की समस्या बार-बार का संकट रही है। तटबंध निर्माण शुरू होने से लोगों ने राहत की उम्मीद जताई है।
उपस्थित जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता
भूमि पूजन कार्यक्रम में किशन मंडल, राजकुमार, विजय भट्ट, आशुतोष, राजकुमार राजभर और दीनानाथ राजभर सहित कई स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
आगे क्या?
नगर निगम आने वाले महीनों में तटबंध निर्माण की प्रगति की नियमित जांच करेगा। अधिकारियों का मानना है कि परियोजना समय पर पूरी होने पर आगामी वर्षा ऋतु में स्थानीय लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।







