
ऋषिकेश: उत्तराखंड के ऋषिकेश में निर्माणाधीन बजरंग सेतु (लक्ष्मण झूला) पर एक बड़ा हादसा हो गया। दिल्ली से घूमने आए तीन दोस्तों में से एक युवक पुल से फिसलकर गंगा नदी में गिर गया। हादसे के बाद से एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) उसकी तलाश में जुटा है। यह हादसा पर्यटकों की अनियंत्रित भीड़ और निर्माण स्थल पर अव्यवस्था के कारण हुआ। बार-बार चेतावनी देने के बावजूद पर्यटकों का आवागमन रुक नहीं रहा था, जिसके चलते यह दुर्घटना हुई।
हादसे का विवरण
जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर 2025 की रात दिल्ली से आए तीन दोस्त निर्माणाधीन बजरंग सेतु पर घूमने गए। इनमें से एक युवक कांच के पुल पर चढ़ गया, जहां निर्माण कार्य अधूरा था। वहां शीशे का काम पूरा नहीं हुआ था, और युवक अधूरे हिस्से से फिसलकर गंगा में गिर गया। हादसे के बाद उसके दोस्तों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी। एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तलाश शुरू की, लेकिन अभी तक युवक का पता नहीं चला है।
पर्यटकों की भीड़ से निर्माण में बाधा
निर्माण एजेंसी और मजदूरों ने बताया कि पर्यटकों की भीड़ के कारण पुल का निर्माण कार्य लगातार प्रभावित हो रहा है। मजदूरों ने कहा, “कई पर्यटक रोकने पर झगड़ते हैं और कुछ खुद को वीआईपी बताकर अधिकारियों से शिकायत की धमकी देते हैं।” दशहरे के दिन तो भीड़ ने बंद किए गए हिस्से के टीन शेड तक तोड़ दिए थे।
निर्माण एजेंसी का कहना है कि बजरंग सेतु का काम अब अंतिम चरण में है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पर्यटकों के लिए निश्चित समय तय किया जाए ताकि आवागमन नियंत्रित हो और काम सुचारू रूप से पूरा हो सके। इससे भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकती हैं।
बजरंग सेतु की स्थिति
बजरंग सेतु ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला का नया स्वरूप है, जो कांच और स्टील से बनाया जा रहा है। यह पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है, लेकिन निर्माणाधीन होने के कारण अभी यह पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऋषिकेश में पर्यटकों की संख्या में 25% की वृद्धि हुई है, जिसके कारण निर्माण स्थलों पर भीड़ और अव्यवस्था बढ़ रही है। प्रशासन ने कई बार चेतावनी जारी की, लेकिन इसका ज्यादा असर नहीं हुआ।
स्थानीय प्रशासन और एजेंसी की मांग
निर्माण एजेंसी ने कहा, “पर्यटकों की भीड़ के कारण मजदूरों को काम करने में दिक्कत हो रही है। अगर प्रशासन सख्ती से नियम लागू करे और समय तय करे, तो हादसों को रोका जा सकता है।” स्थानीय लोग भी चाहते हैं कि निर्माण जल्द पूरा हो और पुल सुरक्षित हो। एसडीआरएफ के एक अधिकारी ने बताया, “हमारी टीम लगातार तलाश में जुटी है, लेकिन गंगा की तेज धारा चुनौती बनी हुई है।”
सुरक्षा और जिम्मेदारी की जरूरत
यह हादसा ऋषिकेश जैसे पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा और अनुशासन की जरूरत को उजागर करता है। बजरंग सेतु पर अनियंत्रित भीड़ और अधूरे निर्माण ने एक युवक की जान को खतरे में डाल दिया। प्रशासन को चाहिए कि वह पर्यटकों के लिए सख्त नियम बनाए और निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने के लिए कदम उठाए।






