
यमकेश्वर: यमकेश्वर विकासखंड के रिखेड़ा गांव में मंगलवार शाम से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में करीब 40 परिवार निवासरत हैं, लेकिन लगातार दूसरे दिन भी बिजली बहाल नहीं हो पाई है। ग्रामीणों ने मंगलवार शाम और बुधवार सुबह ऊर्जा निगम कोटद्वार को सूचना दी, इसके बावजूद बुधवार रात तक आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी। बिजली गुल रहने से जहां जंगली जानवरों का खतरा बढ़ गया है, वहीं बच्चों की पढ़ाई, ऑनलाइन काम और सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि इससे ग्रामीण जीवन की बुनियादी सुविधाओं पर सीधा असर पड़ रहा है।
मामले की अहमियत
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली केवल रोशनी का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और सरकारी सेवाओं से सीधा जुड़ा विषय है। रिखेड़ा गांव में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से लोगों की सुरक्षा, आजीविका और बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी बिजली कटौती की समस्या सामने आती रही है। हालांकि, इस बार लगातार दो दिन तक आपूर्ति बाधित रहने से परेशानी कहीं ज्यादा बढ़ गई है।
आधिकारिक जानकारी
ग्राम प्रधान रिखेड़ा दीपचंद लखेड़ा के अनुसार, बिजली गुल होने की शिकायत उपखंड अधिकारी, कोटद्वार को भी दी गई है। इसके बावजूद 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। ऊर्जा निगम की ओर से अब तक कोई स्पष्ट कारण या समय-सीमा नहीं बताई गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव के कुछ युवक घर से ऑनलाइन कार्य करते हैं, लेकिन बिजली न होने से उनका काम पूरी तरह ठप हो गया है। दो दिनों से स्कूली बच्चों का होमवर्क भी नहीं हो पाया है। मोबाइल चार्ज न होने के कारण मनरेगा से संबंधित ऑनलाइन हाजिरी तक दर्ज नहीं हो सकी, जिससे मजदूरों की मजदूरी पर संकट खड़ा हो गया है।
विशेषज्ञ की राय
ग्रामीण विकास से जुड़े जानकारों का कहना है कि डिजिटल सेवाओं पर बढ़ती निर्भरता के दौर में लंबे समय तक बिजली बाधित रहना गंभीर समस्या है। इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्रामीणों की आय दोनों प्रभावित होती हैं।
आंकड़े और तथ्य
- रिखेड़ा गांव में करीब 40 परिवार निवासरत हैं।
- बिजली आपूर्ति मंगलवार शाम से ठप है।
- 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है।
आगे क्या होगा
ग्रामीणों को उम्मीद है कि ऊर्जा निगम जल्द ही तकनीकी खामी दूर कर बिजली आपूर्ति बहाल करेगा। यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो गांव के लोग सामूहिक रूप से उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं।







