
रानीपोखरी (डोईवाला): रानीपोखरी में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय खोले जाने की मांग को लेकर चल रहे धरना-प्रदर्शन ने सोमवार को सियासी रंग ले लिया। कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों को समर्थन दिया। इस दौरान वार्ड संख्या सात अठूरवाला के कांग्रेस वार्ड अध्यक्ष बालेंद्र सजवाण ने चेतावनी दी कि यदि रानीपोखरी में विधि विश्वविद्यालय नहीं खोला गया तो वे आत्मदाह के लिए मजबूर होंगे। उनके इस बयान के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल और गरम हो गया है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
रानीपोखरी क्षेत्र में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग को लेकर ग्रामीणों द्वारा पिछले कुछ समय से धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विश्वविद्यालय खुलने से क्षेत्र के विकास, रोजगार और शिक्षा के अवसरों में वृद्धि होगी।
कांग्रेस ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित अन्य पदाधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस वार्ड अध्यक्ष बालेंद्र सजवाण ने कहा कि यदि सरकार ने रानीपोखरी में विधि विवि खोलने की मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो वे आत्मदाह जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे।
वहीं कांग्रेस की ओर से यह भी दावा किया गया कि भाजपा के एक स्थानीय बूथ अध्यक्ष ने मांग पूरी न होने पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि मंडल अध्यक्ष गीतांजलि रावत और भाजपा नेता अरुण शर्मा ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि किसी बूथ अध्यक्ष ने इस्तीफा नहीं दिया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं और चाहते हैं कि सरकार इस पर जल्द निर्णय ले। उनका मानना है कि शिक्षा संस्थान खुलने से क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
आगे क्या होगा
विधि विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर अब प्रशासन और सरकार के रुख पर नजर रहेगी। यदि मांग पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तो आंदोलन तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
यदि आपके क्षेत्र में कोई घटना, समस्या या जानकारी हो तो हमें ईमेल या फोटो/वीडियो भेजें —
📩 rishikeshnews.com@gmail.com







