
रामनगर: नैनीताल जिले के रामनगर वन प्रभाग में रविवार देर शाम बाघ के हमले से हड़कंप मच गया। कोटा रेंज के पाटकोट क्षेत्र अंतर्गत भलोन गांव में पाइपलाइन बिछाने के कार्य में लगे एक मजदूर पर बाघ ने हमला कर उसकी जान ले ली। सूचना मिलते ही वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन रेंज की संयुक्त टीम, पशु चिकित्सक और क्यूआरटी को मौके पर रवाना किया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद हमलावर बाघ को सफलतापूर्वक ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। घटना ने एक बार फिर वन्यजीव–मानव संघर्ष को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड में हाल के दिनों में वन्यजीवों के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। जंगल से सटे क्षेत्रों में निर्माण और श्रम कार्यों के दौरान जोखिम बढ़ा है। पिछले एक सप्ताह में बाघ के हमले की यह तीसरी घटना बताई जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों और कामगारों में भय का माहौल है।
आधिकारिक जानकारी
घटना रविवार शाम करीब 6:45 बजे की है। बाघ ने पाइपलाइन कार्य में लगे मजदूर पर अचानक हमला किया। मृतक की पहचान अभिमन्यु कुमार (30 वर्ष), पुत्र भगेलू साह, निवासी जोकटिया, थाना मझौलिया, जिला बेतिया (पश्चिम चंपारण), बिहार के रूप में हुई है। वह सिंचाई विभाग के अंतर्गत चल रहे कार्य के लिए रामनगर आया था।
सूचना पर रामनगर वन प्रभाग की टीम अलर्ट हुई। डीएफओ ध्रुव मार्तोलिया ने बताया कि तीन रेंज की संयुक्त टीम, वेटरनरी डॉक्टर और क्यूआरटी को तत्काल मौके पर भेजा गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन
वन विभाग की टीम शाम करीब 7 बजे घटनास्थल पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। लगातार प्रयासों के बाद रात करीब 11:30 बजे बाघ को ट्रेंकुलाइज कर लिया गया। ट्रेंकुलाइजेशन के बाद बाघ को रेस्क्यू वैन में सुरक्षित रखकर ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर भेजा गया। अधिकारियों के अनुसार, पूरे ऑपरेशन में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया।
पशु चिकित्सकीय जानकारी
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दुष्यंत शर्मा ने बताया कि रेस्क्यू किया गया बाघ मादा है, जिसकी उम्र लगभग दो से ढाई वर्ष है। बाघ पूरी तरह स्वस्थ है और फिलहाल निगरानी में रखा जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों और श्रमिकों का कहना है कि जंगल से सटे इलाकों में काम के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा और सतर्कता जरूरी है। लोगों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और चेतावनी तंत्र मजबूत करने की मांग की है।
आगे क्या होगा
वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जंगल से सटे क्षेत्रों में काम करते समय सावधानी बरतने की अपील की है। रेस्क्यू किए गए बाघ की निगरानी जारी रहेगी और घटना के कारणों की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। प्रशासन पीड़ित परिवार को आवश्यक सहायता और मुआवजा प्रक्रिया के संबंध में भी कार्रवाई करेगा।






