
रामनगर (नैनीताल): नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र से एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां तराई पश्चिमी वन प्रभाग से सटे ग्राम मदनपुर गैबुआ में जर्मन शेफर्ड कुत्ते ‘पायलट’ ने अपने मालिक की जान बचाने के लिए खूंखार बाघ से भिड़कर अपनी जान कुर्बान कर दी। खेत की ओर जाते समय अचानक हुए बाघ के हमले को भांपते ही ‘पायलट’ बाघ पर झपट पड़ा और उसे उलझाए रखा। इस संघर्ष में कुत्ते की मौके पर ही मौत हो गई, लेकिन उसकी बहादुरी के चलते मालिक सुरक्षित बच निकले। यह घटना न सिर्फ क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी है, बल्कि स्वामी भक्ति की एक दुर्लभ मिसाल भी पेश करती है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
रामनगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में वन क्षेत्रों से सटे खेत और बस्तियां हैं, जहां जंगली जानवरों की आवाजाही समय-समय पर सामने आती रहती है। तराई पश्चिमी वन प्रभाग क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों की सूचनाएं पहले भी मिलती रही हैं, जिसके चलते ग्रामीणों में सतर्कता बरतने की अपील की जाती रही है।
आधिकारिक जानकारी
घटना की सूचना मिलने पर तराई पश्चिमी वन प्रभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग ने मृत कुत्ते का पोस्टमार्टम कराया और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की बात कही। विभाग के अनुसार बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और ग्रामीणों से सतर्क रहने का आग्रह किया गया है।
इस संबंध में अधिकारी टिप्पणी करते हुए दिखे कि सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि ‘पायलट’ ने असाधारण साहस दिखाया और अपने मालिक की जान बचाने के लिए आखिरी सांस तक संघर्ष किया। ग्रामीणों ने इस घटना को बेहद भावुक बताते हुए कहा कि यह वफादारी और साहस की मिसाल है। घटना की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
घटना का विवरण
ग्राम मदनपुर गैबुआ निवासी रक्षित पांडे अपने पालतू कुत्ते ‘पायलट’ के साथ खेत की ओर गए थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक हमला करने की कोशिश की। खतरे को समझते ही ‘पायलट’ बाघ से भिड़ गया। दोनों के बीच जोरदार संघर्ष हुआ, जिसमें कुत्ते की मौत हो गई, लेकिन मालिक सुरक्षित निकल आए। सूचना मिलने पर भाजपा नेता विपिन कांडपाल ने मामले से प्रकाश चंद्र आर्या को अवगत कराया।
आंकड़े / तथ्य
घटना एक खेत के पास हुई, जहां वन क्षेत्र सटा हुआ है। संघर्ष में एक जर्मन शेफर्ड कुत्ते की मृत्यु हुई। वन विभाग ने घटना के बाद क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की बात कही है।
आगे क्या होगा
वन विभाग के अनुसार, बाघ की मूवमेंट पर नजर रखी जाएगी और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाएगी। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और अकेले खेतों की ओर न जाने की सलाह दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा कदम उठाए जाएंगे।






