
हरिद्वार: राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज के अंतर्गत खांडगांव के पास बीते दो दिनों से एक शिशु हाथी हरिद्वार–देहरादून राजमार्ग के किनारे खड़ा देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि शिशु हाथी सड़क पार नहीं कर पा रहा है और अपने झुंड से बिछड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। यह स्थिति वन्यजीव सुरक्षा के साथ-साथ सड़क पर आवाजाही करने वाले लोगों के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अक्सर हाथियों का आवागमन देखा जाता है। हरिद्वार–देहरादून हाईवे वन्यजीव कॉरिडोर से होकर गुजरता है, जहां पहले भी जानवरों के सड़क पार करते समय हादसे हो चुके हैं। ऐसे में शिशु हाथी का लंबे समय तक हाईवे किनारे खड़ा रहना खतरे की घंटी माना जा रहा है।
घटना की स्थिति
शिशु हाथी जिस स्थान पर खड़ा है, वहां से मोतीचूर रेंज कार्यालय और खांडगांव डांडा चौकी महज कुछ ही दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि वन कर्मी इस स्थिति से अनभिज्ञ बने हुए हैं। मंगलवार रात को भी शिशु हाथी हाईवे किनारे उसी स्थान पर देखा गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
हाइवे से गुजरने वाले कई लोग रुककर शिशु हाथी को काफी नजदीक से देखने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे उसकी सुरक्षा को और खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते वन विभाग को हस्तक्षेप कर शिशु हाथी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना चाहिए।
आधिकारिक जानकारी
वन्यजीव प्रतिपालक सरिता भट्ट ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही मोतीचूर रेंज के स्टाफ को सूचित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर हाथियों का झुंड आसपास ही रहता है और प्रयास किया जाएगा कि शिशु हाथी को सुरक्षित तरीके से उसके झुंड से मिला दिया जाए।
आगे क्या होगा
वन विभाग की ओर से शिशु हाथी की निगरानी और सुरक्षित रेस्क्यू की उम्मीद की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो शिशु हाथी को सड़क दुर्घटना या मानवीय हस्तक्षेप से खतरा हो सकता है। प्रशासन से क्षेत्र में सतर्कता और ट्रैफिक नियंत्रण की भी मांग उठ रही है।




