
रायवाला: देश की सरहदों की रक्षा करने वाले एक फौजी के साथ धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। दिल्ली में तैनात और रायवाला निवासी भारतीय सेना के जवान से एक दंपती ने मकान निर्माण के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित के अनुसार, पैसे वापस मांगने पर उसे जान से मारने और झूठे मामले में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं। न्याय की गुहार लेकर पीड़ित जवान ने देहरादून में एसएसपी और जिलाधिकारी कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है। यह मामला न केवल आर्थिक अपराध का है, बल्कि सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास के दुरुपयोग की भी गंभीर तस्वीर पेश करता है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पीड़ित बृज किशोर सिंह ने बताया कि वह भारतीय सेना में कार्यरत हैं और वर्तमान में दिल्ली में तैनात हैं। मूल रूप से बिहार निवासी बृज किशोर सिंह ने अपने ही गांव की परिचित महिला पर श्यामपुर में मकान बनाने के नाम पर उनसे करीब 25 लाख रुपये उधार लेने का आरोप लगाया है। पीड़ित के मुताबिक, दोनों के बीच लिखित एग्रीमेंट भी हुआ था, जिसमें रकम वापस न होने की स्थिति में रायवाला में महिला के नाम की 100 वर्ग गज जमीन देने की शर्त शामिल थी।
आधिकारिक जानकारी
पीड़ित का कहना है कि न तो तय समय पर रकम लौटाई गई और न ही रायवाला में महिला के नाम पर कोई जमीन पाई गई। आरोप है कि बीते दो वर्षों से महिला और उसके पति का मोबाइल फोन स्विच ऑफ है और श्यामपुर स्थित मकान पर ताला लगा हुआ है। पीड़ित ने प्रशासन को दी शिकायत में यह भी बताया कि उक्त मकान पर पहले से लोन चल रहा है। मामले में प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र खोलिया ने कहा कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं है, हालांकि शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि श्यामपुर और आसपास के इलाकों में कमेटी और निवेश के नाम पर ठगी के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि अन्य लोग ठगी का शिकार न हों।
विशेषज्ञ राय
कानूनी जानकारों के अनुसार, लिखित एग्रीमेंट और कॉल रिकॉर्डिंग जैसे साक्ष्य मामले की जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं। समय रहते प्राथमिकी दर्ज कर संपत्ति और बैंक लेनदेन की जांच जरूरी बताई जा रही है।
आगे क्या होगा
पीड़ित ने एसएसपी और जिलाधिकारी से मामले में सख्त कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। प्रशासन की ओर से शिकायत पर जांच शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेगी।






