
चमोली — गढ़वाली युवा गायिका प्रियंका मेहर के हाल ही में जारी गीत “स्वामी जी प्लीज़” को लेकर उर्गम घाटी में विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने गीत की एक पंक्ति को आपत्तिजनक बताते हुए सामाजिक मानहानि का आरोप लगाया है। इसी आधार पर अधिवक्ता सुरभि शाह के माध्यम से प्रियंका मेहर को कानूनी नोटिस भेजा गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
प्रियंका मेहर उत्तराखंड की लोकप्रिय युवा गायिकाओं में शामिल हैं, जिनके गीत अक्सर सोशल मीडिया और यूट्यूब पर चर्चा में रहते हैं। 28 अक्टूबर 2025 को उनके यूट्यूब चैनल पर जारी गीत “स्वामी जी प्लीज़” में शामिल एक पंक्ति पर उर्गम घाटी के ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि गीत ने पवित्र क्षेत्र की सामाजिक गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
क्या है नोटिस में लिखा?
नोटिस अधिवक्ता सुरभि शाह द्वारा जोशीमठ के ब्लॉक प्रमुख अनूप सिंह नेगी की ओर से भेजा गया है। नोटिस में कहा गया है कि गीत की पंक्ति “उर्गम के कस्से में दगड़ियों के साथ फुल नशे में” उर्गम घाटी को नशे से जोड़कर दिखाती है, जो ग्रामीणों की सामाजिक प्रतिष्ठा और धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंचाने वाली है।
उर्गम घाटी पंच बद्री में शामिल ध्यान बद्री और पंच केदार में सम्मिलित भगवान कल्पेश्वर के मंदिर के कारण धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे पवित्र क्षेत्र को नशे से जोड़ना अस्वीकार्य है।
ग्रामीणों की मुख्य मांगें
नोटिस में तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली, गीत को सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से तुरंत हटाया जाए। दूसरी, उर्गम घाटी और स्थानीय समुदाय से लिखित और वीडियो संदेश के माध्यम से सार्वजनिक माफी मांगी जाए। तीसरी, क्षेत्र की प्रतिष्ठा को हुए नुकसान की भरपाई के लिए उचित मुआवजा दिया जाए।
नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होती, तो ग्राम सभा मानहानि सहित अन्य कानूनी धाराओं में मामला दर्ज करेगी।
प्रियंका मेहर की ओर से अब तक क्या प्रतिक्रिया?
गायिका प्रियंका मेहर की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि उनके एक साथी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर नोटिस को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि नोटिस भेजने वालों ने प्रियंका मेहर का पता और मोबाइल नंबर सार्वजनिक कर निजता का उल्लंघन किया है, जो कानूनन गलत है। उन्होंने इस संबंध में कानूनी कार्रवाई करने की भी बात कही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
उर्गम घाटी के ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता। उनका मानना है कि कलाकारों को भी स्थानीय भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। वहीं, प्रियंका मेहर के समर्थक इसे रचनात्मक अभिव्यक्ति का हिस्सा बताते हुए वाद-विवाद का समाधान शांतिपूर्वक करने की बात कह रहे हैं।
आगे क्या?
नोटिस की अवधि पूरी होने तक ग्रामीणों और प्रियंका मेहर दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब यह देखना अहम होगा कि गायिका माफी मांगती हैं या इस मुद्दे को कानूनी रूप से चुनौती देती हैं। फिलहाल विवाद सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में है।







