
Pariksha Pe Charcha 2026 परीक्षा पे चर्चा की यात्रा में एक निर्णायक मोड़ बनकर सामने आया है। वर्ष 2026 में यह संवाद केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सही मायनों में अखिल भारतीय स्वरूप में देश के कोने-कोने तक गूंजता नजर आया। इस संस्करण में विद्यार्थियों की भागीदारी, विषयों की विविधता और संवाद की व्यापकता ने इसे अब तक का सबसे प्रभावशाली संस्करण बना दिया।
देशभर के विद्यार्थियों से सीधा संवाद
इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के साथ-साथ कोयंबटूर (तमिलनाडु), रायपुर (छत्तीसगढ़), देव मोगरा (गुजरात) और गुवाहाटी (असम) में भी विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। इससे भारत के पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण और मध्य क्षेत्र—सभी की आवाजें एक मंच पर एक साथ जुड़ सकीं और कार्यक्रम को वास्तविक राष्ट्रीय पहचान मिली।
रिकॉर्ड तोड़ सहभागिता
PPC 2026 में 4.5 करोड़ से अधिक पंजीकृत प्रतिभागी शामिल हुए, जबकि 2.26 करोड़ से अधिक लोगों ने इससे जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की। इस तरह कुल सहभागिता 6.76 करोड़ से अधिक दर्ज की गई, जो शिक्षा और संवाद के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान है।
शिक्षा और संवाद में नया मानक
परीक्षा पे चर्चा का आठवां संस्करण 10 फरवरी 2025 को प्रसारित किया गया। यह संवाद नई दिल्ली के सुंदर नर्सरी में एक नए और अभिनव प्रारूप में आयोजित हुआ। इसमें प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से 36 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जो सरकारी स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों, सैनिक स्कूलों, एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों, सीबीएसई और नवोदय विद्यालयों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
कार्यक्रम में प्रेरणा के पूर्व छात्र, कला उत्सव और वीर गाथा के विजेता भी शामिल हुए। इस संस्करण में खेल एवं अनुशासन, मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, प्रौद्योगिकी एवं वित्त, रचनात्मकता और सकारात्मकता जैसे विषयों पर सात अलग-अलग एपिसोड प्रस्तुत किए गए, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों के प्रेरक विचार साझा किए गए।
वैश्विक स्तर पर पहचान
2025 में परीक्षा पे चर्चा ने एक उल्लेखनीय गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया। इसमें 245 से अधिक देशों के छात्र, 153 देशों के शिक्षक और 149 देशों के अभिभावक शामिल हुए, जिसने इस पहल को वैश्विक मंच पर अलग पहचान दिलाई।
एक जन आंदोलन के रूप में PPC
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, परीक्षा पे चर्चा अब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन बन चुकी है। इसका उद्देश्य छात्रों को परीक्षाओं के तनाव से उबरने, आत्मविश्वास बढ़ाने और सकारात्मक सोच के साथ जीवन कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित करना है। PPC 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा में संवाद, संवेदनशीलता और समावेशन ही भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेंगे।







