
चमोली जिले के पोखरी विकासखंड में बुधवार को घास लेने जंगल गई एक महिला लापता हो गई, जिसके बाद क्षेत्र में चिंता और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने देर शाम तक खोजबीन की, लेकिन महिला का कोई सुराग नहीं मिल सका। मौके से मिले सामान के आधार पर भालू या गुलदार के हमले की आशंका जताई जा रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
चमोली जिले के कई इलाकों में पिछले महीनों से मानव–वन्यजीव संघर्ष के मामले बढ़े हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं और पशुपालक अक्सर अकेले जंगल जाते हैं, जहां भालू और गुलदार की गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं।
घटना का विवरण
पाव गांव निवासी 42 वर्षीय रामेश्वरी देवी पत्नी अनिल दत्ता सुबह घास लेने जंगल गई थीं। दोपहर तक वापस नहीं आने पर ग्रामीणों ने उनकी खोज शुरू की।
तलाशी के दौरान रामेश्वरी की दरांती, परांदा और रस्सी एक ही स्थान पर पड़ी मिलीं, जिससे ग्रामीणों को किसी हमले की आशंका हुई।
ग्रामीण दीपक भंडारी और मनोज भंडारी ने बताया कि घटनास्थल की स्थिति संदिग्ध है और संभव है कि भालू या गुलदार ने हमला किया हो।
अधिकारिक जानकारी
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन दरोगा आनंद सिंह रावत ने बताया कि प्रारंभिक निरीक्षण में भालू के हमले के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन पुष्टि तलाशी अभियान के बाद ही संभव होगी। अंधेरा बढ़ने के कारण बुधवार शाम सर्च अभियान रोक दिया गया, जिसे गुरुवार सुबह फिर से शुरू किया जाएगा।
केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी ने कहा कि टीम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर खोज की है और सुबह अभियान को तेज किया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
गांव में महिला के लापता होने की खबर से तनाव का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियां चिंता का विषय हैं और प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।
आगे क्या
वन विभाग और ग्रामीण टीमें गुरुवार सुबह सर्च अभियान पुनः शुरू करेंगी। वन्यजीवों की मूवमेंट पर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है।







