
देहरादून: चमोली जनपद के पोखरी क्षेत्र में दहशत का कारण बने काले हिमालयन भालू का व्यवहार दो सप्ताह बाद भी सामान्य नहीं हो पाया है। वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद इस भालू को पकड़कर देहरादून चिड़ियाघर लाया था, जहां उसे विशेष बाड़े में रखा गया है। चारों ओर से कवर और आम लोगों के लिए बंद इस बाड़े के बावजूद भालू इंसानों को देखते ही आक्रामक प्रतिक्रिया दे रहा है। यह स्थिति न केवल विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा रही है, बल्कि भविष्य में भालू को कहां और किस तरह रखा जाए, इस पर भी निर्णय को प्रभावित कर रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पोखरी क्षेत्र में भालू की गतिविधियों से ग्रामीणों में लंबे समय से भय बना हुआ था। मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं के बीच वन विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर भालू को पकड़कर देहरादून लाने का फैसला किया। इसका उद्देश्य भालू और स्थानीय आबादी—दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
आधिकारिक जानकारी
देहरादून चिड़ियाघर प्रशासन के अनुसार भालू को एक विशेष बाड़े में रखा गया है, जिसे आम दर्शकों के लिए बंद रखा गया है। चिड़ियाघर प्रभारी रेंजर विनोद लिंगवाल ने बताया कि भालू के व्यवहार में पहले की तुलना में कुछ सकारात्मक बदलाव दिखे हैं, लेकिन वह अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। विशेषज्ञों की टीम उसके स्वभाव और गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि पोखरी क्षेत्र में भालू की वजह से लंबे समय तक भय का माहौल रहा। ग्रामीणों को उम्मीद है कि स्थायी समाधान निकलने से भविष्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं कम होंगी।
आहार और स्वास्थ्य स्थिति
ठंड के मौसम को देखते हुए भालू को पर्याप्त मात्रा में फल, सब्जियां, शहद और गुड़ दिया जा रहा है। अमरूद उसे सबसे अधिक पसंद आ रहा है, जबकि खीरा, गाजर और सेब भी नियमित रूप से खिलाए जा रहे हैं। करीब साढ़े पांच फीट लंबा और लगभग 110 किलोग्राम वजनी यह भालू फिलहाल स्वस्थ बताया जा रहा है।
आगे क्या होगा
अचानक इंसानों को देखकर आत्मरक्षा में हमला करने की प्रवृत्ति के कारण प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। वन विभाग पहले से ही चिड़ियाघर में एक काले हिमालयन भालू को रखने की योजना पर काम कर रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से अनुमति मिलने की स्थिति में पोखरी से लाए गए इस भालू को स्थायी रूप से देहरादून चिड़ियाघर में ही रखने पर विचार किया जा रहा है।






