
पिथौरागढ़: सीमांत जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ में एक 12 वर्षीय बच्चे का शव घर के कमरे में लटका मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्राथमिक तौर पर आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इतनी कम उम्र में इस तरह की घटना ने परिजनों और स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। बच्चा पढ़ाई के लिए बचपन से ही अपनी बुआ के घर रह रहा था और तीन दिन पहले ही गांव से वापस लौटा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
पुलिस के अनुसार 30 जनवरी की सुबह करीब 10 बजे बच्चे की बुआ अपने दोनों बच्चों को लेकर बाहर गई थीं। उस दिन बच्चे के स्कूल की छुट्टी थी, इसलिए वह घर पर अकेला था। शाम करीब चार बजे जब बुआ वापस लौटीं तो काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला। शक होने पर जालीदार दरवाजे की कुंडी तोड़ी गई। अंदर पहुंचने पर बच्चे को लटका हुआ पाया गया। परिजनों ने तुरंत उसे नीचे उतारकर पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
पिथौरागढ़ कोतवाली के प्रभारी ललित मोहन जोशी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया है और आत्महत्या के कारणों की हर स्तर से जांच की जा रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फोरेंसिक टीम की मदद से कमरे की बारीकी से जांच की है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना के बाद से परिजन गहरे सदमे में हैं। आसपास के लोगों का कहना है कि बच्चा सामान्य व्यवहार का था, इसलिए इतनी कम उम्र में इस तरह का कदम समझ से परे है। स्थानीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर शोक और चिंता का माहौल है।
आगे क्या होगा
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। साथ ही परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह समझा जा सके कि बच्चे ने ऐसा कदम क्यों उठाया।
महत्वपूर्ण सूचना
आत्महत्या समाधान नहीं है।
यदि किसी के मन में आत्महत्या के विचार आ रहे हों या भावनात्मक सहयोग की जरूरत हो, तो सहायता उपलब्ध है—
स्नेहा फाउंडेशन: 044-2464-0050 (24×7)
टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज: 9152987821 (सोमवार–शनिवार, सुबह 8 से रात 10 बजे तक)





