
फूलचट्टी (ऋषिकेश): मकर संक्रांति और बैशाखी जैसे महापर्वों पर हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहने वाला फूलचट्टी संगम आज सरकारी उदासीनता का प्रतीक बन गया है। हेंवल और गंगा नदी के संगम पर बने स्नान घाट और श्मशान घाट जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं, जिससे दर्जनों गांवों के लोगों और तीर्थयात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि कुंभ मेला क्षेत्र का हिस्सा होने के बावजूद पौड़ी प्रशासन की ओर से कुंभ के लिए इस घाट का कोई प्रस्ताव तक नहीं भेजा गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ग्रामीणों और सैलानियों की सुविधा के लिए वर्ष 2018 में नमामि गंगे योजना के तहत फूलचट्टी संगम पर करीब छह करोड़ रुपये की लागत से एक स्नान घाट और एक श्मशान घाट का निर्माण कराया गया था। इन घाटों के रखरखाव की जिम्मेदारी जिला पंचायत पौड़ी को सौंपी गई थी।
घाट कैसे हुए बदहाल
वर्ष 2019 में गंगा का जलस्तर बढ़ने से स्नान घाट और श्मशान घाट क्षतिग्रस्त हो गए। इसके बाद करीब छह साल का समय बीत चुका है, लेकिन मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वर्तमान में घाटों की हालत यह है कि शौचालय गंदगी से भरे हैं, घाटों पर लगी स्टील की रेलिंग करीब एक किलोमीटर तक बिखरी पड़ी है और लाखों रुपये के सौर ऊर्जा पैनल टूटे हुए जमीन पर पड़े हैं।
स्थानीय लोगों की आवाज
स्थानीय नागरिक सत्यपाल सिंह राणा, भगत सिंह पवाल, संदीप कुमार और रविंद्र सिंह नेगी का कहना है कि बीते छह वर्षों में न तो जिला पंचायत और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बदहाल घाट की सुध ली। उनका आरोप है कि जिम्मेदारी होने के बावजूद जिला पंचायत पौड़ी इस मामले से मुंह मोड़े हुए है। ग्रामीणों का कहना है कि पौड़ी प्रशासन को कुंभ मेले में मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
आधिकारिक जानकारी
इस पूरे मामले पर चतर सिंह चौहान ने बताया कि फूलचट्टी स्नान घाट और श्मशान घाट का प्रस्ताव कुंभ मेला में नहीं भेजा गया है। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा और अन्य योजनाओं के तहत बदहाल घाटों के मरम्मत प्रस्ताव भेजे जाएंगे।
आगे क्या होगा
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन अब इस ओर गंभीरता दिखाएगा और आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण स्थल की मरम्मत के लिए जल्द बजट और योजना स्वीकृत की जाएगी। यदि समय रहते काम शुरू नहीं हुआ तो आगामी पर्वों पर श्रद्धालुओं की परेशानी और बढ़ सकती है।







