
पौड़ी गढ़वाल जिले के चौबट्टाखाल और आसपास के क्षेत्रों में बाघ के लगातार हमलों से दहशत फैल गई है। दो दिनों में दो महिलाओं पर हमले के बाद कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने हस्तक्षेप करते हुए जिला प्रशासन और वन विभाग को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद क्षेत्र में शूटर और पिंजरे तैनात कर दिए गए हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पौड़ी जिले के कई ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ महीनों से बाघ की गतिविधियां बढ़ती रही हैं। चौबट्टाखाल और पोखड़ा ब्लॉक में बाघ द्वारा किए जा रहे हमले लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शाम ढलते ही क्षेत्र में आवागमन जोखिम भरा हो गया है।
अधिकारिक जानकारी
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को लगातार घटनाओं की सूचना मिलने के बाद उन्होंने जिलाधिकारी पौड़ी और डीएफओ को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाघ को मारने की अनुमति लेकर तुरंत प्रोफेशनल शूटर की तैनाती की जाए।
वन विभाग ने मंत्री की संस्तुति के बाद प्रभावित क्षेत्रों में पिंजरे लगाए हैं और शूटर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। विभाग बाघ की लोकेशन और मूवमेंट पर लगातार निगरानी कर रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में हमले
13 नवंबर को पोखड़ा ब्लॉक के बगड़ीगाड़ गांव में रानी देवी पर बाघ ने हमला किया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हुई थीं।
अगले ही दिन 14 नवंबर को ग्राम घंडियाल की प्रभा देवी भी बाघ के हमले का शिकार बनीं।
दो दिन में दो हमले होने से ग्रामीणों में भय और नाराजगी बढ़ गई थी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्रामीणों का कहना है कि बाघ लगातार आबादी वाले इलाकों में घूम रहा है और बच्चों व बुजुर्गों पर खतरा बना हुआ है। उन्हें उम्मीद है कि शूटर की तैनाती और बढ़ी हुई गश्त से स्थिति नियंत्रित होगी। कई लोगों ने यह भी कहा कि यह सिर्फ तात्कालिक समाधान है, स्थायी सुरक्षा उपाय भी जरूरी हैं।
वन विभाग और मंत्री का पक्ष
वन विभाग ने बताया कि इलाके में पिंजरे, कैमरे और गश्त बढ़ा दी गई है। मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि जंगली जानवरों के हमले बढ़ रहे हैं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने निर्देश दिया कि पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए।
आगे क्या
बाघ की तलाश तेज कर दी गई है। वन विभाग स्थानीय टीमों, शूटरों और तकनीकी निगरानी की मदद से बाघ की गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रख रहा है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और समूह में चलने की सलाह दी गई है। स्थिति पर प्रशासन की ओर से लगातार अपडेट जारी किए जा रहे हैं।






