
पौड़ी जनपद के गजल्ड गांव में आतंक मचा रहे आदमखोर गुलदार को आखिरकार मशहूर शिकारी जॉय हुकिल ने सोमवार रात ढेर कर दिया। लगातार हमलों से दहशत में आए ग्रामीणों ने इस कार्रवाई के बाद राहत की सांस ली। यह जॉय हुकिल के करियर का 48वां सफल शिकार है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
गजल्ड गांव में पिछले कई दिनों से गुलदार की गतिविधियां बढ़ीं थीं। ग्रामीणों पर हमले, मवेशियों का शिकार और रात्रि समय आवाजाही बंद होने जैसी स्थिति ने पूरे क्षेत्र को भयभीत कर रखा था। वन विभाग ने घटना को गंभीर मानते हुए गुलदार को आदमखोर घोषित किया और शिकारी की तैनाती की अनुमति प्रदान की।
अधिकारिक जानकारी
वन विभाग के अनुरोध पर अनुभवी शिकारी जॉय हुकिल को मौके पर भेजा गया। कई दिनों तक ट्रैकिंग और निगरानी के बाद रविवार देर शाम गुलदार की लोकेशन प्राप्त हुई। सावधानीपूर्वक की गई कार्रवाई में गुलदार को ढेर कर दिया गया। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि आगे क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाएगी, ताकि किसी अन्य वन्यजीव की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
स्थानीय प्रतिक्रिया
गांव के लोगों ने राहत व्यक्त करते हुए बताया कि पिछले कई हफ्तों से उनका जीवन सामान्य नहीं था। खेतों में काम करना मुश्किल हो गया था और बच्चों का बाहर निकलना भी जोखिम भरा था। ग्रामीणों ने कहा कि जॉय हुकिल का साहस और वन विभाग की तत्परता ने उन्हें गंभीर खतरे से मुक्त किया।
विशेषज्ञ टिप्पणी
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में इंसान और वन्यजीवों के बीच टकराव बढ़ रहा है। भोजन की कमी और प्राकृतिक आवास के सिकुड़ने से गुलदार मानव बस्तियों के करीब आ रहे हैं। विशेषज्ञों ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए दीर्घकालीन नीति की आवश्यकता बताई।
संख्या और तथ्य
गुलदार का यह शिकार जॉय हुकिल के करियर का 48वां सफल ऑपरेशन है। वन विभाग के अनुसार गजल्ड गांव में पिछले दो सप्ताह में गुलदार के तीन अलग-अलग हमलों की सूचना मिली थी।
आगे क्या होगा
वन विभाग टीम क्षेत्र में आगे भी निगरानी रखेगी। ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगलों की ओर अकेले न जाने की सलाह दी गई है। विभाग जल्द ही क्षेत्र में जनजागरूकता अभियान भी चलाने की तैयारी कर रहा है।







