
पौड़ी गढ़वाल: पर्वतीय जिलों में बढ़ते वन्यजीव हमलों से जनजीवन खतरे में है। हालात का आकलन करने पहुंचे गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे और प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने गजल्ड गांव में हाल ही में गुलदार के हमले में मारे गए व्यक्ति के परिजनों से मुलाकात की। इसी दौरान गांव के पास फिर गुलदार ने एक मवेशी को मार डाला, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पौड़ी जिले के कई गांवों में हाल के महीनों में गुलदार की आवाजाही और हमलों में बढ़ोतरी हुई है। गजल्ड गांव में हुए ताजा हमले में एक व्यक्ति की मौत के बाद ग्रामीण लगातार वन विभाग और प्रशासन से सुरक्षा के ठोस इंतजाम की मांग कर रहे थे। इसी संदर्भ में वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर जाकर परिस्थितियों की समीक्षा की।
अधिकारिक जानकारी
गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे और प्रमुख सचिव आरके सुधांशु रविवार को गजल्ड पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिवार से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त कीं और आश्वासन दिया कि प्रशासन वन्यजीवों के हमलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा।
अधिकारियों ने स्थानीय टीमों से चल रही निगरानी, पिंजरे की व्यवस्था और गांवों में सुरक्षा उपायों की जानकारी भी ली।
स्थानीय प्रतिक्रिया
अधिकारियों की मौजूदगी के दौरान ही गांव के पास गुलदार द्वारा मवेशी पर हमला किए जाने से ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। उनका कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था नाकाफी है और गुलदार लगातार घरों, खेतों और रास्तों के आसपास दिखाई दे रहा है। कुछ ग्रामीणों ने कहा कि “अधिकारियों के मौजूद रहते यदि यह हुआ है, तो आम दिनों में हमारी सुरक्षा किसके भरोसे है?”
गांव में बच्चों और महिलाओं के अकेले बाहर निकलने पर रोक जैसी अस्थायी सावधानियाँ अब सामान्य होती जा रही हैं।
मानव–वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती चिंता
जिले के कई इलाकों में गुलदार के हमलों के कारण पशुधन और मानव दोनों की हानि हो रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में जंगलों के नजदीक बसावट होने से ऐसे संघर्ष और भी बढ़ गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग को गश्त बढ़ाने, खतरे वाले इलाकों में लाइटिंग लगाने और पिंजरे की संख्या बढ़ाने जैसे कदम तुरंत उठाने चाहिए।
आगे क्या?
अधिकारियों ने वन विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त टीमें तैनात करने और ग्रामीणों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। बताया गया कि आने वाले दिनों में सुरक्षा उपायों पर विशेष फोकस किया जाएगा और संवेदनशील गांवों में अतिरिक्त निगरानी की जाएगी।






