
पौड़ी जनपद में आयोजित बुंखाल कालिंका मंदिर पैठाणी और सिद्धबली धाम कोटद्वार के तीन दिवसीय वार्षिक महोत्सव का भव्य शुभारंभ आस्था और उल्लास के माहौल में हुआ। बड़ी संख्या में उमड़ रहे श्रद्धालुओं को देखते हुए पौड़ी पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन रणनीति लागू की है, जिससे आयोजन पहले दिन से ही शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संचालित हो रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बुंखाल कालिंका धाम और सिद्धबली धाम पौड़ी जिले के प्रमुख धार्मिक केंद्र हैं, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु वार्षिक मेले में शामिल होते हैं। इस बार भी महोत्सव के दौरान भारी भीड़ की उम्मीद को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने पहले से तैयारियां मजबूत रखी हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आधिकारिक जानकारी
पौड़ी पुलिस के अनुसार मेले में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की सतत निगरानी की जा रही है। सुरक्षा प्रहर, रूट मैनेजमेंट, ट्रैफिक कंट्रोल, भीड़ नियंत्रण और राहत सेवा से जुड़े सभी प्रबंध प्रभावी रूप से लागू कर दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी ड्यूटी प्वाइंट पर पुलिस टीम पूरी तत्परता से तैनात है।
अधिकारी संपर्क में आए और उन्होंने बताया कि अब तक आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा है और कोई अव्यवस्था नहीं देखी गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार पुलिस व्यवस्था पहले से अधिक बेहतर दिखाई दे रही है। श्रद्धालुओं ने बताया कि मार्ग-निर्देशन, पार्किंग और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था सुचारू होने से मेले में घूमना आसान हुआ है। कई श्रद्धालुओं ने सुरक्षा व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे “अच्छी तरह संगठित” बताया।
विशेषज्ञ टिप्पणी
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती होती है, और इस बार पुलिस की रणनीति इससे निपटने में प्रभावी साबित हो रही है।
आंकड़े / तादाद
पौड़ी पुलिस के अनुसार पहले ही दिन हजारों श्रद्धालु बुंखाल कालिंका और सिद्धबली धाम में पहुंचे। तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान भीड़ में और बढ़ोतरी की संभावना है, जिसे ध्यान में रखते हुए सुरक्षा कर्मियों की संख्या भी बढ़ाई गई है।
आगे क्या
आगामी दो दिनों में अधिक भीड़ आने की संभावना के चलते पुलिस ने व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश जारी किए हैं। ट्रैफिक रूट, पार्किंग और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त टीमों की तैनाती जारी रहेगी, ताकि आयोजन पूर्णतः सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।







