
देहरादून: उत्तराखंड में शिक्षा विभाग ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ पोर्टल को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश के सभी शिक्षकों का इस पोर्टल पर पंजीकरण अब अनिवार्य कर दिया गया है। निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण बंदना गर्ब्याल ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी अपर निदेशकों और मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक जिले में छात्र, शिक्षक और अभिभावक—तीनों श्रेणियों में निर्धारित लक्ष्य का कम से कम 60 प्रतिशत पंजीकरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए, ताकि कार्यक्रम की पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक हो सके।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को परीक्षा से जुड़े तनाव और तैयारी के विषय में मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। पहले भी पंजीकरण को लेकर अभियान चलाए गए हैं, लेकिन कई जिलों में अपेक्षित भागीदारी नहीं मिल पाई थी। इसी को देखते हुए इस बार शिक्षा विभाग ने पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर सख्ती बढ़ाई है।
आधिकारिक जानकारी
निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण बंदना गर्ब्याल द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि सभी जिलों में शिक्षकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही स्कूल स्तर पर विशेष अभियान चलाकर अभिभावकों का भी पंजीकरण कराया जाए। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि छात्र, शिक्षक और अभिभावक—तीनों श्रेणियों में किसी भी स्थिति में 60 प्रतिशत से कम पंजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
शिक्षकों का कहना है कि पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल रखा जाए, ताकि सभी लोग आसानी से इसमें शामिल हो सकें। वहीं कुछ अभिभावकों ने बताया कि स्कूल स्तर पर जानकारी मिलने से उन्हें पंजीकरण में मदद मिलेगी और वे इस कार्यक्रम से जुड़ सकेंगे।
आंकड़े / डेटा
निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक जिले में छात्र, शिक्षक और अभिभावक—तीनों श्रेणियों में न्यूनतम 60 प्रतिशत पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। लक्ष्य पूरा न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों और विद्यालय स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।
आगे क्या होगा
शिक्षा विभाग द्वारा जिलों से नियमित रिपोर्ट मांगी जाएगी और पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर स्कूलों में विशेष अभियान और जागरूकता गतिविधियां भी चलाई जाएंगी, ताकि तय लक्ष्य समय पर पूरा हो सके।





