
टिहरी में नए साल के जश्न को लेकर पर्यटन गतिविधियां तेज हो गई हैं। देशभर से बड़ी संख्या में पर्यटक पहाड़ों की ओर रुख कर रहे हैं और होटल, गेस्ट हाउस व होमस्टे में एडवांस बुकिंग कराई जा रही है। खासतौर पर टिहरी झील इन दिनों सैलानियों से गुलजार है, जहां वाटर एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए भीड़ बढ़ रही है। यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि इससे स्थानीय पर्यटन कारोबार को सीधा लाभ मिल रहा है और उत्तराखंड के अपेक्षाकृत शांत पर्यटन स्थलों की ओर पर्यटकों का रुझान साफ दिखाई दे रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हर साल नए साल के मौके पर उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ देखने को मिलती है। हालांकि, हाल के वर्षों में पर्यटक मसूरी, मनाली और शिमला जैसे पारंपरिक डेस्टिनेशन की भीड़ और जाम से बचकर वैकल्पिक स्थानों की तलाश कर रहे हैं। इसी क्रम में टिहरी झील और धनौल्टी जैसे शांत और प्राकृतिक स्थलों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
आधिकारिक जानकारी
पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि नए साल को देखते हुए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। होटल, गेस्ट हाउस और होमस्टे संचालकों के अनुसार अधिकांश कमरों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। वहीं टिहरी झील में संचालित वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए भी व्यवस्थाएं बढ़ाई गई हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि टिहरी झील में बढ़ती पर्यटक संख्या से रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। पर्यटन कारोबारियों के अनुसार, इस सीजन में होटल बुकिंग और एडवेंचर एक्टिविटी से अच्छी आमदनी की उम्मीद है।
विशेषज्ञ / पर्यटक की राय
पर्यटकों ने बताया कि दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में बढ़ते प्रदूषण और भीड़भाड़ से बचने के लिए उन्होंने टिहरी का चयन किया है। उनके अनुसार यहां की शांत वादियां और स्वच्छ वातावरण उन्हें सुकून का एहसास करा रहा है।
आंकड़े / तथ्य
टिहरी झील में इन दिनों मोटर बोट, स्पीड बोट और पैरा सेलिंग जैसी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में पर्यटक दिल्ली, मुंबई और उत्तर प्रदेश से यहां पहुंच रहे हैं, जिससे नए साल से पहले पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी जा रही है।
आगे क्या होगा
पर्यटन कारोबारियों के अनुसार, 31 दिसंबर और 1 जनवरी को पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। प्रशासन और स्थानीय व्यवसाय नए साल के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने पर ध्यान दे रहे हैं, ताकि पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।







