
मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में विंटर लाइन कार्निवाल का भव्य आगाज सांस्कृतिक यात्रा के साथ हुआ। ढोल-दमाऊ, लोक गीतों और पारंपरिक वेशभूषा से सजी इस यात्रा ने पूरे शहर को उत्सव के रंग में रंग दिया। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने विधिवत कार्निवाल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पहली बार हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जिसने सांस्कृतिक यात्रा को और खास बना दिया। 24 से 29 दिसंबर तक शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और पर्यटन स्थलों पर रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोकसंस्कृति को मंच देने के उद्देश्य से मसूरी में विंटर लाइन कार्निवाल का आयोजन किया जाता है। हर वर्ष यह आयोजन पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आकर्षित करता है। इस बार कार्निवाल को अधिक भव्य बनाने के लिए सांस्कृतिक यात्रा के साथ नए प्रयोग किए गए हैं।
आधिकारिक जानकारी
सांस्कृतिक यात्रा का शुभारंभ मसूरी महोत्सव समिति के सचिव एवं एसडीएम राहुल आनंद और पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने किया। यात्रा लंढौर सर्वे मैदान से शुरू होकर लाइब्रेरी चौक तक पहुंची। लाइब्रेरी चौक पर आईटीबीपी बैंड टीम ने आकर्षक प्रस्तुति दी, वहीं मंगल गीतों का आयोजन भी किया गया।
सांस्कृतिक यात्रा की झलक
यात्रा में उत्तराखंड के लोक कलाकारों, विभिन्न सांस्कृतिक दलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्कूली छात्राओं और राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों ने सहभागिता की। ढोल-दमाऊ की थाप और लोक गीतों के साथ शहर के प्रमुख मार्गों पर उत्सव का माहौल बना रहा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि विंटर लाइन कार्निवाल से शहर में रौनक बढ़ी है और शीतकालीन पर्यटन को नई ऊर्जा मिली है। उनका मानना है कि इस तरह के आयोजन से स्थानीय कलाकारों को पहचान मिलती है और पर्यटन से जुड़े कारोबार को भी लाभ होता है।
आगे क्या होगा
24 से 29 दिसंबर तक मसूरी के विभिन्न चौक-चौराहों और पर्यटन स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रहेगी। आयोजकों के अनुसार आने वाले दिनों में संगीत, नृत्य और लोकसंस्कृति से जुड़े कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे, जिससे पर्यटकों को मसूरी की सांस्कृतिक पहचान से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।







