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मसूरी — पर्यटन नगरी मसूरी की पहचान मानी जाने वाली माल रोड पर पटरी व्यापार को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। नगर पालिका प्रशासन ने 20 दिसंबर से माल रोड पर पटरी पर दुकानदारी पूर्णतः प्रतिबंधित कर दी है और चिह्नीकृत व्यापारियों को अन्य स्थानों पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। प्रशासनिक कार्रवाई के साथ ही यह मामला अब राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है, जिससे शहर का माहौल तनावपूर्ण होता जा रहा है। पटरी व्यापारियों का कहना है कि चिह्नीकरण की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही, जबकि प्रशासन नियमों के तहत व्यवस्था करने की बात कह रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
माल रोड मसूरी का प्रमुख पर्यटन केंद्र है, जहां वर्षों से पटरी व्यापारी पर्यटकों की जरूरतों को पूरा करते आए हैं। हाल के समय में भीड़ प्रबंधन, यातायात और सौंदर्यीकरण के नाम पर प्रशासन ने यहां पटरी व्यापार को नियंत्रित करने की प्रक्रिया तेज की है, जिससे प्रभावित व्यापारियों में असंतोष बढ़ा है।
आधिकारिक जानकारी
एसडीएम मसूरी राहुल आनंद द्वारा किए गए सर्वे में कुल 97 पटरी व्यापारियों को चिह्नीकृत किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इन व्यापारियों को माल रोड से हटाकर शहर के अन्य उपयुक्त स्थानों पर व्यवस्थित किया जाएगा। नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि 20 दिसंबर से माल रोड पर पटरी पर दुकानदारी की अनुमति नहीं होगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
सर्वे सूची से बाहर रह गए पटरी व्यापारियों में भारी रोष है। उनका कहना है कि चिह्नीकरण की प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रही।
पटरी व्यापारी संघ के महामंत्री संजय टम्टा ने चेतावनी दी है कि यदि सभी व्यापारियों की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
राजनीतिक बयानबाजी
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया आनंद रावत ने पटरी व्यापारियों का समर्थन करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष पर आरोप लगाए। उनका कहना है कि पटरी व्यापारियों की रोजी-रोटी छीनी जा रही है और पहले ठोस व स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।
वहीं, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मीरा सकलानी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नियमों के तहत पात्र व्यापारियों की व्यवस्था की जाएगी और माल रोड की गरिमा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
आंकड़े / तथ्य
चिह्नीकृत पटरी व्यापारी: 97
पटरी व्यापार पर प्रतिबंध की तिथि: 20 दिसंबर
मुद्दा: पुनर्वास, चिह्नीकरण की पारदर्शिता और रोजी-रोटी
आगे क्या?
प्रशासन के अनुसार पात्र व्यापारियों के पुनर्वास की प्रक्रिया पर काम जारी है। वहीं, पटरी व्यापारी संघ और राजनीतिक दलों की चेतावनियों के चलते आने वाले दिनों में विरोध-प्रदर्शन की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।





