
देहरादून: देहरादून से मसूरी को जोड़ने वाले वैकल्पिक मार्ग लंबीधार–किमाड़ी (एलकेडी) के चौड़ीकरण की टेंडर प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। शासनादेश जारी न होने के कारण टेंडर खोलने की प्रक्रिया पर 27 जनवरी तक रोक लगा दी गई है। लोक निर्माण विभाग द्वारा दिसंबर 2025 में इस परियोजना के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे, लेकिन शासन से औपचारिक स्वीकृति न मिलने के चलते प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। यह निर्णय ऐसे समय में आया है, जब मसूरी मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक और बार-बार लगने वाले जाम से राहत के लिए एलकेडी रोड को अहम विकल्प माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मसूरी देहरादून का प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां वीकेंड और पर्यटन सीजन में पहुंचना यात्रियों के लिए चुनौती बन जाता है। देहरादून–मसूरी मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ते ही लंबा जाम लग जाता है। हाल ही में बर्फबारी के दौरान कोल्हूखेत के पास पेड़ गिरने से मार्ग पूरी तरह पैक हो गया था। ऐसे में लंबे समय से एक बेहतर वैकल्पिक मार्ग की जरूरत महसूस की जा रही है।
आधिकारिक जानकारी
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एलकेडी मार्ग के चौड़ीकरण के लिए शासनादेश अभी जारी नहीं हुआ है। इसी कारण टेंडर खोलने की प्रक्रिया को 27 जनवरी तक स्थगित किया गया है। शासनादेश मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यदि तय समय तक स्वीकृति नहीं मिली, तो तिथि आगे बढ़ाई जा सकती है।
एलकेडी मार्ग क्यों है अहम
लंबीधार–किमाड़ी रोड गढ़ी कैंट क्षेत्र के सप्लाई एरिया से शुरू होकर मसूरी झील के पास, मसूरी से करीब चार किलोमीटर पहले मुख्य मार्ग से जुड़ती है। लगभग 23 किलोमीटर लंबा यह मार्ग फिलहाल सिंगल लेन है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। योजना के तहत इसे डेढ़ लेन किया जाना है, ताकि मुख्य मार्ग पर दबाव बढ़ने की स्थिति में यह प्रभावी विकल्प बन सके।
आंकड़े / तथ्य
एलकेडी रोड के चौड़ीकरण पर लगभग 14 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना का लक्ष्य आगामी ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन से पहले मार्ग को बेहतर स्थिति में लाना है, बशर्ते शासन स्तर पर समय रहते निर्णय लिया जाए।
आगे क्या होगा
देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेसवे और पांवटा साहिब राजमार्ग चौड़ीकरण परियोजनाएं पूरी होने के बाद मसूरी की ओर वाहनों का दबाव और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में एलकेडी रोड का समय पर चौड़ीकरण बेहद जरूरी माना जा रहा है। इसके साथ ही गढ़ी कैंट चौक क्षेत्र में सिंचाई विभाग की कैनाल को भूमिगत कर शुरुआती डेढ़ किलोमीटर हिस्से को फोरलेन करने की योजना पर भी सर्वे किया जा रहा है, ताकि भविष्य में बाटलनेक की समस्या न बने। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद ही इन योजनाओं पर गति आने की उम्मीद है।




