
मसूरी: देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा यूपीएससी के नाम पर युवाओं से ठगी का एक गंभीर मामला मसूरी में सामने आया है। शनिवार को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी प्रशासन ने कोतवाली मसूरी को सूचना दी कि एक युवक फर्जी यूपीएससी रिजल्ट के आधार पर प्रशिक्षण लेने के उद्देश्य से अकादमी परिसर में पहुंचा है। सूचना मिलते ही पुलिस के साथ खुफिया एजेंसियां भी मौके पर पहुंचीं। प्रारंभिक जांच में युवक को किसी आपराधिक गिरोह का सदस्य नहीं, बल्कि एक बड़े ऑनलाइन ठगी नेटवर्क का शिकार पाया गया, जिससे यह मामला युवाओं के लिए चेतावनी के रूप में सामने आया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा के नाम पर ठगी के मामले हाल के वर्षों में बढ़े हैं। सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से फर्जी चयन पत्र और रिजल्ट भेजकर युवाओं को झांसे में लिया जाता है। इस मामले में भी ठगों ने परीक्षा पास कराने का झूठा भरोसा देकर एक शिक्षित युवक को ठगी का शिकार बनाया।
आधिकारिक जानकारी
अकादमी से सूचना मिलने पर लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में पुलिस और खुफिया एजेंसियों की टीम पहुंची। देवेंद्र चौहान और एसएसआई सतेन्द्र भाटी ने युवक से पूछताछ की और उसके दस्तावेजों की जांच की। जांच में सामने आया कि युवक फर्जी यूपीएससी रिजल्ट को असली मानकर अपने माता-पिता और जरूरी सामान के साथ मसूरी पहुंचा था।
पुलिस के अनुसार युवक से परीक्षा पास कराने के नाम पर कुल 27,564 रुपये की ठगी की गई। इसमें 13,000 रुपये नकद और 14,564 रुपये यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर कराए गए थे। इसके बाद व्हाट्सएप के जरिए फर्जी यूपीएससी रिजल्ट भेज दिया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिष्ठित संस्थानों के नाम पर होने वाली ठगी से युवाओं का भरोसा टूटता है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से ऐसे ऑनलाइन गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
आंकड़े / तथ्य
पीड़ित से कुल 27,564 रुपये की ठगी हुई। फर्जी रिजल्ट व्हाट्सएप के जरिए भेजा गया। मामले में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है।
आगे क्या होगा
पुलिस जांच में पीड़ित की पहचान पुष्पेश सिंह निवासी बिहार, वर्तमान पता गुरुग्राम (हरियाणा) के रूप में हुई है। पूरा आपराधिक कृत्य हरियाणा से जुड़ा होने के कारण कोतवाली मसूरी में जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले को आगे की विवेचना के लिए संबंधित राज्य को भेजा जाएगा। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि यूपीएससी या किसी भी प्रतियोगी परीक्षा से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही सत्यापित करें।







