
मसूरी के बाला हिसार क्षेत्र में बनीं मजारों को लेकर शुक्रवार को विवाद गहरा गया, जब बजरंग दल ने मौके पर पहुंचकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। संगठन का आरोप है कि पहले जहां एक मजार थी, वहां अब छह से अधिक मजारें बन गई हैं। स्थिति को तनावपूर्ण होने से रोकने के लिए पुलिस, पीएसी और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात रहीं। वहीं, संबंधित स्कूल प्रबंधन ने मजार को दशकों पुराना बताते हुए इसे अपनी निजी जमीन पर स्थित बताया है। मामले में वन विभाग, राजस्व और नगर पालिका ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बाला हिसार क्षेत्र में मजारों की संख्या बढ़ने को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को बजरंग दल ने विरोध दर्ज कराया। संगठन का कहना है कि शहर के अन्य क्षेत्रों—बार्लोगंज, किंग्रेग, दलाई हिल्स और अंडाखेत—में भी मजारें बनाई गई हैं, जिन पर कार्रवाई नहीं हो रही है। दूसरी ओर, स्कूल प्रबंधन का दावा है कि मजार से जुड़ी जमीन उसकी निजी संपत्ति है।
आधिकारिक जानकारी
बजरंग दल के शहर अध्यक्ष बजरंग दल के संदीप सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता बाबा बुल्लेशाह की मजार पर पहुंचे और विरोध जताया। सूचना पर राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्कूल प्रतिनिधियों से बातचीत की।
स्कूल पक्ष से वाइनबर्ग एलन स्कूल के सीनियर अकाउंट ऑफिसर संजय मैनी ने बताया कि ट्रस्ट की ओर से लगभग 50 वर्ष पहले एक निश्चित भूमि मजार के लिए दी गई थी और यह भूमि स्कूल की निजी है, वन विभाग की नहीं। बजरंग दल का पत्र स्कूल बोर्ड के समक्ष रखने की बात भी कही गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे। कुछ नागरिकों ने बताया कि प्रशासन की मौजूदगी से स्थिति नियंत्रित रही।
विभागीय बयान
वन विभाग के डीएफओ अमित कंवर ने कहा कि स्कूल प्रबंधन को नोटिस दिया गया था। लिखित जवाब में प्रबंधन ने मजार को निजी जमीन पर बताया है, हालांकि मजार से जुड़े अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। नगर पालिका के अभिलेखों से आयु की पुष्टि की जाएगी और जांच जारी है।
नायब तहसीलदार उपेंद्र राणा ने बताया कि वन विभाग, राजस्व, नगर पालिका और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की है।
नगर पालिका के कर अधीक्षक अनिरुद्ध सिंह चौधरी ने कहा कि सभी विभागों ने सर्वेक्षण किया है। स्कूल प्रतिनिधि ने जमीन के दस्तावेज होने की बात कही है, लेकिन मजार के दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
संख्या / तथ्य
बजरंग दल का दावा है कि क्षेत्र में एक से बढ़कर छह से अधिक मजारें बनी हैं। मौके पर पुलिस, पीएसी, वन विभाग, राजस्व और नगर पालिका की टीमें तैनात रहीं।
आगे क्या होगा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी विभागीय रिपोर्ट और अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। बजरंग दल ने एक सप्ताह में कार्रवाई न होने पर आगे की रणनीति बनाने की बात कही है।







