
मसूरी: मसूरी में बाबा बुल्लेशाह मजार से जुड़े दो वीडियो एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। वायरल हो रहे इन वीडियो में एक देवभूमि काली सेना के प्रदेश महामंत्री अजय कप्तान का बताया जा रहा है, जबकि दूसरा प्रदेश अध्यक्ष भूपेश जोशी का। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
प्रसारित वीडियो में अजय कप्तान यह कहते नजर आ रहे हैं कि पिछले सप्ताह बालाहिसार क्षेत्र में बाबा बुल्लेशाह की मजार के ध्वस्तीकरण की जिम्मेदारी एक हिंदू संगठन के पदाधिकारी द्वारा ली गई है। वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि कुछ लोग मजार के पुनर्निर्माण के लिए चंदा एकत्रित कर रहे हैं और प्रशासन से अपील की गई है कि मजार की दोबारा लीपापोती न की जाए।
दूसरे वीडियो में भूपेश जोशी की ओर से यह चेतावनी दी गई है कि यदि मजार का पुनर्निर्माण किया गया तो वहां हनुमान जी का मंदिर भी बनाया जाएगा। इन बयानों के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 24 जनवरी को निजी भूमि पर स्थित एक मजार में तोड़-फोड़ के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। हालांकि, एफआईआर में जिन धाराओं का उल्लेख है, उनके तहत गिरफ्तारी अनिवार्य नहीं है, इसी कारण अब तक न तो किसी की गिरफ्तारी हुई है और न ही पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
बाबा बुल्लेशाह मंदिर समिति के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने इन वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे वीडियो में दिख रहे दोनों व्यक्तियों को नहीं जानते हैं और समिति का इन बयानों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि समिति की ओर से किसी तरह का सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।
कौन थे बाबा बुल्लेशाह
यह दावा किया जाता है कि बाबा बुल्लेशाह 17वीं–18वीं शताब्दी के प्रसिद्ध सूफी कवि थे और पाकिस्तान के कसूर शहर के रहने वाले थे। उनके गुरु शाह इनायत कादिरी बताए जाते हैं। उनकी रचनाएं आज भी सूफी परंपरा में महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
आगे क्या होगा
प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था से जुड़ी समस्या उत्पन्न होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वायरल वीडियो के बाद क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील भी की जा रही है।







