
मुनिकीरेती: कौड़ियाल–मुनिकीरेती ईको टूरिज्म जोन में साहसिक पर्यटन को नई गति मिलने जा रही है। गंगा में राफ्टिंग संचालन के लिए 215 प्रशिक्षु गाइड अंतिम परीक्षा में सफल हुए हैं। पर्यटन विभाग इसी माह इन प्रतिभागियों को लाइसेंस जारी कर सकता है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश–मुनिकीरेती क्षेत्र देश के सबसे लोकप्रिय रिवर राफ्टिंग डेस्टिनेशन में से एक है। हर साल लाखों पर्यटक यहां साहसिक पर्यटन का अनुभव लेने आते हैं। हाल ही में किए गए सत्यापन में सामने आया था कि 700 पंजीकृत गाइडों में से केवल 500 ही सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। गाइडों की कमी को पूरा करने के लिए पर्यटन विभाग ने नए आवेदकों के लिए परीक्षा प्रक्रिया शुरू की।
आधिकारिक जानकारी
सहासिक पर्यटन अधिकारी जसपाल चौहान के अनुसार देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम में 450 पुरुष व महिला प्रतिभागियों का स्विमिंग और मेडिकल टेस्ट आयोजित किया गया। इनमें से 284 प्रतिभागी क्वालिफाई कर सके।
इसके बाद गंगा नदी में अंतिम फील्ड परीक्षा ली गई, जिसमें सेल्फ रेस्क्यू, थ्रो बैग अभ्यास, सात किलोमीटर रिवर रन और राफ्ट फ्लिप जैसे महत्वपूर्ण कौशल शामिल थे। इस परीक्षा में केवल 215 प्रतिभागी सफल हुए, जिनमें चार महिलाएं भी शामिल हैं।
अब इन सभी गाइडों को फर्स्ट एड तथा पर्यटकों से व्यवहार संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन्हें पर्यटन विभाग की ओर से आधिकारिक लाइसेंस जारी किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार महिलाओं को अगले राफ्टिंग सत्र से गाइड के रूप में नदी में उतारा जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय राफ्टिंग ऑपरेटरों का कहना है कि पर्यटन सीजन के दौरान गाइडों की भारी कमी महसूस होती है। नए प्रशिक्षित गाइडों के जुड़ने से सुरक्षा में सुधार होगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। पर्यटकों के साथ काम कर चुकी कुछ महिला प्रतिभागियों ने कहा कि राफ्टिंग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से क्षेत्र में सकारात्मक संदेश जाएगा।
आगे क्या
पर्यटन विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में लाइसेंस प्रक्रिया पूरी कर नए गाइडों की सूची जारी कर दी जाएगी। उम्मीद है कि आगामी सीजन में गाइडों की संख्या बढ़ने से राफ्टिंग संचालन अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित होगा।






