
ज्योर्तिमठ (चमोली)। सीमांत प्रखंड ज्योतिर्मठ के सुदूरवर्ती मोल्टा गांव में BSNL की मोबाइल सेवा पिछले महीने विधिवत शुरू की गई थी, लेकिन उद्घाटन के बाद से आज तक न सिग्नल मिला और न ही कोई सिम एक्टिव हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि सेवा शुरू होने की घोषणा तो हुई, लेकिन BSNL का टावर अब तक मात्र शोपीस बनकर खड़ा है और गांव में संचार सुविधा का इंतजार जस का तस बना हुआ है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मोल्टा गांव ऐसा क्षेत्र है जहां वर्षों से कोई भी निजी मोबाइल नेटवर्क या टावर काम नहीं करता। दुर्गम पहाड़ी इलाकों में रहने वाले ग्रामीण आज तक नेटवर्क की समस्या से जूझते रहे हैं। ऐसे में BSNL द्वारा पिछले महीने कनेक्टिविटी सेवा शुरू किए जाने की घोषणा ग्रामीणों के लिए उम्मीद की किरण बनी थी। लेकिन सेवा चालू न होने के कारण लोगों की निराशा लगातार बढ़ती जा रही है।
आधिकारिक जानकारी
ग्रामीणों के अनुसार BSNL एजेंट द्वारा उन्हें बताया गया कि तकनीकी कारणों से BSNL ऐप पर सिम एक्टिवेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। इस कारण कई ग्रामीणों ने सिम खरीदने के बावजूद सामान्य कॉल तक नहीं कर पाए। विभाग की ओर से अभी तक टावर की सिग्नल समस्या को दूर करने के लिए कोई स्पष्ट समयसीमा भी नहीं दी गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्राम प्रधान संगीता देवी ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार लग रहा था कि मोल्टा क्षेत्र भी संचार सुविधा से जुड़ पाएगा, लेकिन BSNL की उदासीनता से लोगों का भरोसा टूट रहा है। उनका कहना है कि ग्रामीण ज्योतिर्मठ से बार–बार BSNL सिम खरीद तो रहे हैं, लेकिन न सिम एक्टिव हो रहा है और न टावर से कोई सिग्नल मिल रहा है। उन्होंने विभाग से मांग की कि जल्द से जल्द तकनीकी समस्या दूर कर गांव को संचार सुविधा से जोड़ा जाए।
ग्रामीणों ने व्यंग्य में कहा कि जब भी वे टावर को देखते हैं, कनेक्टिंग इंडिया का स्लोगन याद तो आता है, लेकिन मोबाइल फोन आज भी सिर्फ शोपीस बने हुए हैं।
विशेषज्ञ टिप्पणी
संचार विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में नेटवर्क शुरू करने के लिए तकनीकी परीक्षण और सिग्नल स्थिरता अत्यंत आवश्यक होती है। यदि तैयारी अधूरी रहे तो सेवा शुरू होने के बाद भी नेटवर्क उपलब्ध नहीं हो पाता। विशेषज्ञों ने विभाग को सुझाव दिया कि सिम एक्टिवेशन और टावर के सिग्नल ट्रांसमिशन की प्रक्रिया को प्राथमिकता से सुधारा जाए।
आंकड़े / तथ्य
ज्योर्तिर्मठ क्षेत्र के लगभग दर्जनों गांव आज भी नेटवर्क विहीन हैं। मोल्टा गांव में BSNL टावर शुरू होने की घोषणा से ग्रामीणों को पहली बार संचार सुविधा की उम्मीद जगी थी। लेकिन अब भी गांव में शून्य सिग्नल होने से लोगों में निराशा है। मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण आपात स्थितियों में भी लोगों को संपर्क साधने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
आगे क्या?
ग्राम प्रधान और ग्रामीणों की मांग है कि BSNL विभाग जल्द तकनीकी खराबियों को दूर करे, टावर की टेस्टिंग दोबारा कराए और सिम एक्टिवेशन प्रक्रिया को सरल बनाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से विभाग से जवाब मांगेंगे। फिलहाल गांव BSNL सेवा शुरू होने का इंतजार कर रहा है।






