
ऋषिकेश: मनरेगा के नाम और स्वरूप में बदलाव के विरोध में कांग्रेस ने उत्तराखंड में आंदोलन तेज कर दिया है। रविवार को ऋषिकेश और डोईवाला क्षेत्रों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपवास रखकर केंद्र सरकार पर मजदूरों के अधिकार कमजोर करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नाम परिवर्तन और नीति में बदलाव से योजना की कानूनी गारंटी प्रभावित हो रही है, जिससे ग्रामीण रोजगार और भुगतान व्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर “विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन” कर दिया है और इसके साथ ही मूल स्वरूप में ऐसे बदलाव किए गए हैं, जो मजदूरों के हितों के विपरीत हैं।
छिद्दरवाला में उपवास प्रदर्शन
रविवार को छिद्दरवाला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपवास रखकर विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला और ब्लॉक अध्यक्ष गोकुल रमोला ने कहा कि मनरेगा महात्मा गांधी के विचारों से निकली योजना है, जो गांव, गरीब और मजदूर को सम्मान के साथ जीने का अधिकार देती है। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार इस योजना को कमजोर कर गरीबों से उनका हक छीन रही है।
डोईवाला में ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान
डोईवाला में आंबेडकर पार्क स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपवास रखा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि सरकार ने रोजगार के दिन 100 से बढ़ाकर 125 करने का दावा किया है, लेकिन इसके पीछे की कानूनी गारंटी को खत्म किया गया है। उन्होंने इसे गरीबों और मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया।
स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रिया
क्षेत्र पंचायत सदस्य रवि राणा और ज्येष्ठ प्रमुख धनवीर बेंदवाल ने कहा कि जब देश बेरोजगारी और महंगाई से जूझ रहा है, तब सरकार को रोजगार बढ़ाने की जरूरत है, न कि योजनाओं को कमजोर करने की। उन्होंने कहा कि मनरेगा सिर्फ रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण आजीविका का आधार है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों का कहना है कि काम और भुगतान में देरी पहले से ही समस्या है। योजना में बदलाव से असमंजस बढ़ा है और मजदूरों को नुकसान होने की आशंका है।
आगे क्या होगा
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक मनरेगा को मजबूत नहीं किया जाता और मजदूरों को उनका अधिकार सुनिश्चित नहीं होता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी विरोध प्रदर्शन किए जाने की संभावना है।







