
देहरादून: मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और गैरकानूनी प्लॉटिंग के खिलाफ शुक्रवार को व्यापक अभियान चलाया। मसूरी, विकासनगर, सेरपुर–सेलाकुई और देहरादून के कई क्षेत्रों में प्राधिकरण की टीमों ने अवैध निर्माणों को सील किया और कई जगहों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
देहरादून और मसूरी क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों से अवैध निर्माण और नियमविरुद्ध प्लॉटिंग में तेजी आई है, जिससे शहर के व्यवस्थित विकास पर सीधा असर पड़ रहा है। प्राधिकरण ने ऐसे निर्माणों पर रोक लगाने के लिए हाल के महीनों में कई अभियान चलाए हैं। आज की कार्रवाई भी उसी निरंतर प्रक्रिया का हिस्सा रही।
आधिकारिक जानकारी
एमडीडीए प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र और गैरकानूनी प्लॉटिंग प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
प्राधिकरण के अनुसार:
- कैम्पटी–मसूरी रोड पर बिना मानचित्र स्वीकृति किए जा रहे एक अवैध व्यावसायिक निर्माण को सील किया गया।
- हर्बटपुर में 20 बीघा क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया।
- कल्याणपुर पोंटा रोड में 15–20 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर भी कार्रवाई हुई।
- शेरपुर–सेलाकुई क्षेत्र में लगभग 30 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया।
एमडीडीए अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, और सभी अवैध निर्माणों को चिन्हित करके नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अभी तक प्रभावित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनियमित निर्माण तेजी से बढ़ रहे थे, जिससे ट्रैफिक, जलनिकासी और भविष्य की आधारभूत योजनाओं पर खतरा पैदा हो रहा था। व्यापारियों ने भी कहा कि ऐसे अभियान से पारदर्शिता बढ़ती है और जमीन खरीदने वालों को धोखाधड़ी से बचाव मिलता है।
विशेषज्ञ टिप्पणी
शहरी नियोजन विशेषज्ञों का मानना है कि अनियोजित निर्माण भविष्य में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं। एमडीडीए का यह अभियान शहर को सुव्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आगे क्या?
एमडीडीए ने कहा है कि आने वाले दिनों में भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। सभी अवैध निर्माणों को चिन्हित किया जा रहा है और नियमों के अनुरूप त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्राधिकरण जल्द ही अवैध प्लॉटिंग पर अंकुश के लिए नई तकनीकी निगरानी प्रणाली लागू कर सकता है।





