
देहरादून: मैक्स अस्पताल ने दो जटिल टंग रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी सफलतापूर्वक की हैं, जिससे जीभ कैंसर से जूझ रहे मरीजों को नई उम्मीद मिली है। उन्नत तकनीक से की गई इन सर्जरी के बाद मरीज अब धीरे-धीरे बोलने और निगलने की क्षमता वापस पा रहे हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
जीभ कैंसर उन कैंसरों में शामिल है, जिनका उपचार जटिल माना जाता है। कई मामलों में ट्यूमर हटाने के बाद मरीज की बोलने, खाने और निगलने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। ऐसे में रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अधिकारिक जानकारी
मैक्स अस्पताल, देहरादून में पहली सर्जरी 61 वर्षीय मरीज पर की गई, जिन्हें एडवांस्ड जीभ कैंसर था। सर्जरी के दौरान प्रभावित हिस्से को हटाने के बाद जांघ से ऊतक लेकर नई जीभ तैयार की गई। अस्पताल के अनुसार मरीज अब तेजी से रिकवर कर रहे हैं और रिहैबिलिटेशन के माध्यम से बोलने की क्षमता बहाल कर रहे हैं।
दूसरी सर्जरी 53 वर्षीय मरीज पर की गई, जिनकी जीभ के दाहिनी ओर कैंसर फैल चुका था। उनके लिए फोरआर्म से फ्लैप लेकर जीभ पुनर्निर्माण किया गया। डॉक्टरों का कहना है कि यह तकनीक मरीजों को प्राकृतिक रूप से बोलने और खाने में मदद करती है।
डॉ. सौरभ तिवारी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ, ने बताया कि समय पर निदान और उन्नत तकनीक से कैंसर मरीजों का जीवन काफी सुधर सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में मल्टी-डिसिप्लिनरी एप्रोच बेहद जरूरी है।
रिकंस्ट्रक्टिव सर्जन डॉ. चिजल भाटिया ने कहा कि जीभ का पुनर्निर्माण बहुत चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है, लेकिन सफल सर्जरी मरीजों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में अहम भूमिका निभाती है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज और उनके परिवार दोनों परिणामों से संतुष्ट हैं। कई लोगों ने बताया कि सर्जरी से पहले मरीज बोलने और खाने में असमर्थ थे, लेकिन अब उनकी स्थिति में स्पष्ट सुधार दिख रहा है।
विशेषज्ञ टिप्पणी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि देश में कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच उन्नत रिकंस्ट्रक्शन तकनीकें मरीजों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। देहरादून जैसे शहरों में भी जटिल सर्जरी उपलब्ध होना स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का संकेत है।
संख्या और तथ्य
सर्जरी: 2 जटिल टंग रिकंस्ट्रक्शन
मरीजों की आयु: 61 वर्ष और 53 वर्ष
तकनीक: जांघ व फोरआर्म फ्लैप से नई जीभ का निर्माण
रिहैबिलिटेशन: बोलने और निगलने की क्षमता बहाल की जा रही है
आगे क्या होगा
अस्पताल की टीम अब दोनों मरीजों के लिए लंबी अवधि की थेरेपी और फॉलो-अप की तैयारी कर रही है। आने वाले हफ्तों में उनकी क्षमता और बेहतर होने की उम्मीद है। डॉक्टरों का कहना है कि सही देखभाल और थेरेपी से मरीज पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकते हैं।







