
ऋषिकेश के मनसा देवी रेलवे फाटक पर हुई पत्थरबाजी और रेलवे ट्रैक जाम की घटना ने गंभीर मोड़ ले लिया है। पुलिस ने इस मामले में सीताराम रणाकोटी और लालमणि रतूड़ी समेत 18 लोगों को साजिशकर्ता बताते हुए कुल 618 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि आक्रोशित भीड़ ने न सिर्फ राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे ट्रैक बाधित किया, बल्कि पथराव कर पुलिसकर्मियों और आम लोगों की जान को खतरे में डाला। इस घटना के चलते छह ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हुआ और आपातकालीन सेवाएं भी बाधित रहीं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
यह पूरा मामला श्यामपुर क्षेत्र में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में वन विभाग और प्रशासन पुलिस सुरक्षा में कार्रवाई कर रहा था, जिसका स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया और स्थिति हिंसक हो गई।
क्या हुआ 28 दिसंबर को
कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्र में 28 दिसंबर को वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान आक्रोशित भीड़ ने विरोध शुरू किया। पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि कुछ लोगों ने जानबूझकर भीड़ को उकसाया।
आधिकारिक जानकारी
ऋषिकेश कोतवाली प्रभारी कैलाश चंद्र भट्ट की तहरीर पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। तहरीर के अनुसार सीताराम रणाकोटी, लालमणि रतूड़ी, योगेश डिमरी उर्फ आंवला न्यूज, विकास सेमवाल, जहांगीर आलम, गंगा प्रसाद सिमल्टी, पूजा पोखरियाल, राजेंद्र गैरोला सहित अन्य लोगों ने साजिश के तहत भीड़ को भड़काया।
भीड़ पर गंभीर आरोप
पुलिस का आरोप है कि आरोपियों ने फेसबुक लाइव के जरिए भ्रामक सूचनाएं प्रसारित कीं और लोगों को सड़क व रेलवे ट्रैक जाम करने के लिए उकसाया। इसके बाद भीड़ ने मनसा देवी रेलवे ट्रैक पर बैठकर आवागमन रोका और पत्थरबाजी की।
आपात सेवाएं और ट्रेनें प्रभावित
इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे ट्रैक जाम होने से आम लोगों का आवागमन ठप हो गया। जाम में फंसी 108 आपातकालीन सेवा की एंबुलेंस को मरीजों के साथ वैकल्पिक मार्गों से अस्पताल पहुंचाया गया। रेलवे ट्रैक जाम होने से कुल छह ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।
हिरासत और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने मौके से जहांगीर आलम और गंगा प्रसाद सिमल्टी को हिरासत में लिया है। इसके अलावा 500 से 600 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी बीएनएस की विभिन्न धाराओं, जिनमें हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं, के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि हिंसा और पथराव से आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
कई यात्रियों ने बताया कि ट्रेनों और सड़क जाम के कारण घंटों तक फंसे रहना पड़ा।
आगे क्या होगा
पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज, सोशल मीडिया लाइव और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जांच पूरी होने के बाद कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






