
Manipal University सहित 8 विदेशी मेडिकल कॉलेजों को सिंगापुर में मिली मान्यता, सिंगापुर में डॉक्टर बनने का सपना देख रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है। अब छात्र भारत की मणिपाल अकादमी ऑफ हायर एजुकेशन (Manipal University) सहित आठ अन्य विदेशी विश्वविद्यालयों में मेडिकल पढ़ाई कर सकेंगे, जिनकी डिग्रियों को सिंगापुर में मान्यता दी जाएगी। सिंगापुर सरकार ने यह फैसला देश में तेजी से बढ़ती उम्र की आबादी और डॉक्टरों की बढ़ती जरूरत को ध्यान में रखते हुए लिया है।
सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय (MOH) और सिंगापुर मेडिकल काउंसिल (SMC) ने एक संयुक्त बयान में बताया कि नए अनुमोदित मेडिकल स्कूल देश की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
मान्यता प्राप्त विदेशी मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 120
आठ नए विश्वविद्यालयों को सूची में शामिल किए जाने के बाद, सिंगापुर में मान्यता प्राप्त विदेशी मेडिकल स्कूलों की कुल संख्या 1 फरवरी 2025 तक 112 से बढ़कर 120 हो गई है। इसके लिए मेडिकल पंजीकरण अधिनियम, 1997 की दूसरी अनुसूची में संशोधन किया गया है, जिसे एसएमसी की सिफारिश पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंजूरी दी।
2026 से इन विदेशी विश्वविद्यालयों में कर सकेंगे आवेदन
सरकारी बयान के अनुसार, 2026 से मेडिकल की पढ़ाई शुरू करने वाले छात्र इन नव-मान्यता प्राप्त विदेशी मेडिकल कॉलेजों में आवेदन कर सकेंगे। मणिपाल अकादमी ऑफ हायर एजुकेशन के अलावा जिन विश्वविद्यालयों को मान्यता दी गई है, उनमें शामिल हैं:
ऑस्ट्रेलिया का एडिलेड विश्वविद्यालय,
आयरलैंड का गैलवे विश्वविद्यालय,
मलेशिया का यूनिवर्सिटी साइंस मलेशिया,
पाकिस्तान का आगा खान विश्वविद्यालय मेडिकल कॉलेज,
चीन का सिंघुआ विश्वविद्यालय,
ब्रिटेन का एक्सेटर विश्वविद्यालय,
और सिटी सेंट जॉर्ज, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन।
मान्यता देने में किन बातों का रखा गया ध्यान
एसएमसी ने स्पष्ट किया है कि वह विदेशी मेडिकल डिग्रियों की सूची की नियमित समीक्षा करता है। इसमें विश्वविद्यालयों की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग,
शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी होना,
और वहां से स्नातक छात्रों का शैक्षणिक व पेशेवर प्रदर्शन जैसे मानदंड शामिल हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी प्रशिक्षित डॉक्टरों को सिंगापुर के मेडिकल कॉलेजों के समकक्ष प्रशिक्षण मिला हो।
विदेशी डॉक्टरों के लिए पंजीकरण नियम
बयान में यह भी कहा गया है कि सिंगापुर के नागरिक हों या विदेशी, मेडिकल डिग्री प्राप्त करने वाले सभी स्नातक, चाहे उन्होंने 2026 से पहले या बाद में पढ़ाई पूरी की हो, सिंगापुर मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण कराकर चिकित्सा अभ्यास कर सकते हैं।
हालांकि, चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एसएमसी विदेशी प्रशिक्षित डॉक्टरों का शुरुआती वर्षों में निगरानी और मूल्यांकन एक पर्यवेक्षी ढांचे के तहत करता रहेगा।
डॉक्टरों की बढ़ती मांग को पूरा करने की तैयारी
सिंगापुर सरकार ने बताया कि उसने स्थानीय मेडिकल कॉलेजों में भी सीटों की संख्या बढ़ाई है। जहां 2014 में करीब 440 छात्र मेडिकल में प्रवेश लेते थे, वहीं 2025 तक यह संख्या बढ़कर 555 हो गई है। इसके बावजूद, बढ़ती उम्र की आबादी के कारण अतिरिक्त डॉक्टरों की जरूरत को देखते हुए विदेशी मेडिकल कॉलेजों को मान्यता देने का यह कदम उठाया गया है।
यह फैसला न केवल भारतीय छात्रों, बल्कि वैश्विक स्तर पर मेडिकल की पढ़ाई करने के इच्छुक युवाओं के लिए सिंगापुर में करियर के नए अवसर खोलता है।







