
ऋषिकेश: नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक अंतर्गत लक्ष्मणझूला में बदरी केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की टीम ने कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट द्वारा संचालित चौदह मंजिला भवन के प्रथम तल पर स्थित ट्रस्ट कार्यालय में ताला जड़ दिया। यह कार्रवाई 13 जनवरी की शाम की गई, जिसके बाद बुधवार सुबह ट्रस्ट के पदाधिकारी और कर्मचारी आक्रोशित नजर आए। इस कदम का सीधा असर भवन में वर्षों से संचालित 25 से 30 दुकानों के व्यापार पर पड़ा है, जिनका व्यवसाय अचानक ठप हो गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
लक्ष्मणझूला क्षेत्र में स्थित चौदह मंजिला भवन लंबे समय से धार्मिक और व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। यहां कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट का कार्यालय और कई दुकानें संचालित हैं। संपत्ति के स्वामित्व को लेकर बीकेटीसी और ट्रस्ट के बीच लंबे समय से मतभेद की बात कही जा रही है।
कैसे हुई कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार 13 जनवरी की शाम बीकेटीसी की एक टीम चौदह मंजिला भवन के प्रथम तल पर स्थित कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट के कार्यालय पहुंची। टीम ने विधिक कार्रवाई का हवाला देते हुए कार्यालय के कांच के दरवाजे पर अपना ताला लगा दिया। इसके बाद ट्रस्ट कर्मचारियों ने भी कार्यालय का शटर बंद कर उस पर अपना ताला जड़ दिया।
मुख्य गेट पर भी लगा ताला
बुधवार सुबह ट्रस्ट कर्मचारियों ने रिसीवर के निर्देश पर चौदह मंजिला भवन में प्रवेश करने वाले मुख्य गेट पर भी ताला लगा दिया। इससे भवन के भीतर संचालित दुकानों तक पहुंच बंद हो गई और वर्षों से यहां व्यापार कर रहे दुकानदार सड़क पर खड़े रहने को मजबूर हो गए।
स्थानीय / मानवीय प्रतिक्रिया
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि अचानक मुख्य गेट बंद होने से उनका रोज़गार प्रभावित हुआ है। कई दुकानदारों ने बताया कि रोजमर्रा की आमदनी पर निर्भर परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया है और उन्हें किसी पूर्व सूचना के बिना दुकानें बंद करनी पड़ीं।
आधिकारिक जानकारी
इस मामले में बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि यह संपत्ति पूर्व से ही बीकेटीसी की है और इसे टेकओवर करने की प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमानुसार कार्रवाई की गई है और कुछ लोग इस मामले में भ्रम फैला रहे हैं।
आगे क्या होगा
ट्रस्ट पदाधिकारियों और व्यापारियों की मांग है कि विवाद का समाधान शीघ्र निकाला जाए, ताकि कार्यालय और दुकानें दोबारा खुल सकें। वहीं बीकेटीसी की ओर से कहा गया है कि विधिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।







