
लक्सर: हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में पारिवारिक कलह के चलते शराब के नशे में एक युवक के मोबाइल टावर पर चढ़ जाने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। टावर पर युवक को देखकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पथरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस की सूझबूझ, धैर्य और मानवीय संवेदनशीलता से युवक को समझा-बुझाकर सकुशल नीचे उतार लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पिछले कुछ समय में लक्सर क्षेत्र में मानसिक तनाव और पारिवारिक विवादों के चलते जोखिम भरे कदम उठाने के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे हालात में पुलिस की समय पर दखल और काउंसलिंग अहम भूमिका निभाती है।
कैसे बनी स्थिति
घटना पथरी थाना क्षेत्र की है, जहां पारिवारिक विवाद के बाद शराब के नशे में युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। टावर पर चढ़ते ही आसपास के लोगों ने शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची हरिद्वार पुलिस की टीम ने बिना समय गंवाए सुरक्षा घेरा बनाया और युवक से संवाद शुरू किया।
पुलिस की कार्रवाई
थाना पथरी पुलिस के पुलिसकर्मियों ने धैर्य के साथ युवक से बातचीत की, उसे शांत किया और किसी भी तरह का जोखिम न लेने के लिए समझाया। काफी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। रेस्क्यू के बाद मौके पर ही युवक की काउंसलिंग की गई और उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण के कारण बड़ा हादसा टल गया। लोगों ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में संवाद और काउंसलिंग सबसे कारगर उपाय है।
पहले भी सामने आए हैं ऐसे मामले
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी लक्सर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम हबीबपुर में एक युवक के पानी की टंकी पर चढ़ जाने की सूचना पर पुलिस ने घंटों की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा था। उस दौरान चौकी प्रभारी नीरज रावत ने युवक से बात कर उसकी नाराजगी का कारण जाना और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया, जिससे युवक विश्वास में आया और सुरक्षित बचाया जा सका।
आगे क्या होगा
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मानसिक परेशानी या पारिवारिक विवाद की स्थिति में जोखिम भरे कदम उठाने के बजाय पुलिस या संबंधित सहायता संस्थाओं से संपर्क करें। ऐसे मामलों में समय पर संवाद और काउंसलिंग से जान बचाई जा सकती है।






