
लच्छीवाला रेंज में हाल के दिनों में मानव–वन्यजीव संघर्ष बढ़ने के बाद वन विभाग सक्रिय हो गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई गई है और जंगल से लगे मार्गों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को समय रहते सतर्क किया जा सके।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
लच्छीवाला रेंज और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ सप्ताह से वन्यजीवों की गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है। जंगल के किनारे बसे इलाकों में लोग रात के समय भय में रहते हैं और कई बार पर्यटक भी अनजाने में जोखिम वाले क्षेत्रों में प्रवेश कर जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने सुरक्षा रणनीति को मजबूत किया है।
अधिकारिक जानकारी
लच्छीवाला वन क्षेत्राधिकारी मेधावी कीर्ति ने बताया कि बढ़ती घटनाओं को देखते हुए त्वरित कदम उठाए गए हैं।
- वन रेंज के भीतर और मानव बस्तियों के पास वन कर्मियों की गश्त बढ़ाई गई है।
- रात के समय विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है।
- जोखिम वाले मार्ग, पगडंडियों और पर्यटन स्थलों पर चेतावनी और सूचना बोर्ड लगाए जा रहे हैं।
क्षेत्राधिकारी ने कहा कि उद्देश्य मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए संतुलित सह-अस्तित्व बनाए रखना है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने बताया कि चेतावनी बोर्ड लगने और रात की गश्त बढ़ने से उन्हें सुरक्षा का एहसास हुआ है।
एक निवासी ने कहा, “पिछले दिनों घटनाएं बढ़ी थीं। अब गश्त बढ़ने से थोड़ी राहत मिली है।”
आगे क्या होगा
वन विभाग ने बताया कि आने वाले दिनों में संवेदनशील स्थानों पर और भी सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे। वन्यजीवों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी संचालित किए जाएंगे।







