
ऋषिकेश: कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए ऋषिकेश और आसपास के रेलवे स्टेशनों पर मौजूदा व्यवस्थाएं नाकाफी हैं। यह बात मुरादाबाद मंडल की डीआरएम विनीता श्रीवास्तव ने निरीक्षण के दौरान कही। उन्होंने मंडल स्तर पर स्थिति की समीक्षा के बाद रेल मुख्यालय को अवगत कराने और कुंभ से पहले यात्रियों के ठहराव व आवागमन के लिए पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण में साफ-सफाई और यात्री सुविधाओं को दुरुस्त रखने पर भी जोर दिया गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
कुंभ के दौरान हरिद्वार–ऋषिकेश क्षेत्र में श्रद्धालुओं का आवागमन तेज हो जाता है। योगनगरी ऋषिकेश, रायवाला और हर्रावाला जैसे स्टेशन प्रमुख प्रवेश बिंदु बनते हैं। पूर्व अनुभवों के आधार पर स्टेशनों पर ठहराव स्थल, प्लेटफॉर्म स्पेस और यात्री प्रवाह प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौतियां रहती हैं।
निरीक्षण में क्या सामने आया
डीआरएम ने योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। इससे पहले रायवाला स्टेशन का भी जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान यह आकलन किया गया कि कुंभ की भीड़ के अनुरूप स्टेशनों पर आवागमन और ठहराव के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है, जिसके लिए अतिरिक्त इंतजामों की जरूरत होगी।
आधिकारिक जानकारी
डीआरएम विनीता श्रीवास्तव ने बताया कि हर्रावाला, रायवाला और योगनगरी ऋषिकेश स्टेशनों के निरीक्षण में कुंभ की भीड़ को देखते हुए संसाधनों में बढ़ोतरी आवश्यक पाई गई है। इस संबंध में रेल मुख्यालय को सूचित किया जा रहा है ताकि अतिरिक्त संसाधन और व्यवस्थाएं समय रहते जुटाई जा सकें। निरीक्षण में ट्रेनों के संचालन की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, जबकि साफ-सफाई और यात्री सुविधाओं को बेहतर रखने के निर्देश स्टेशन अधीक्षकों को दिए गए हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय यात्रियों का कहना है कि कुंभ के दौरान प्लेटफॉर्म और प्रतीक्षालयों में भीड़ बढ़ने से असुविधा होती है। व्यापारियों और कर्मचारियों ने भी मांग की कि ठहराव स्थल और सूचना व्यवस्था को पहले से मजबूत किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
अतिरिक्त प्रस्ताव
निरीक्षण के दौरान योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर तैनात कर्मचारियों के लिए नई आवासीय कॉलोनी के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी अधीनस्थ अधिकारियों को दिए गए। स्टेशन की बनावट और निर्माण कार्य की सराहना भी की गई।
आगे क्या होगा
रेल प्रशासन कुंभ से पहले अतिरिक्त संसाधन, ठहराव स्थल और यात्री प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने की योजना पर काम करेगा। रेल मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद आवश्यक कार्यों को चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाने की संभावना है।







