
कोटद्वार। रामलीला के दौरान हुआ विवाद उस वक्त बेकाबू हो गया जब स्थिति संभालने पहुँची पुलिस खुद भीड़ के निशाने पर आ गई। मामला इतना बिगड़ा कि लोगों ने पुलिस टीम को दौड़ा लिया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पुलिस ने मामले में सख्ती दिखाते हुए 22 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 10 महिलाओं समेत कुल 14 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। सभी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
विवाद कैसे शुरू हुआ
जानकारी के मुताबिक, देवरामपुर क्षेत्र की महिलाएं यूपी के तल्ला मोटाढाक में रामलीला देखकर लौट रही थीं। इसी दौरान कुछ युवकों ने अभद्रता की और जलते पटाखे फेंके। महिलाओं ने विरोध किया तो दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया।
गांववालों का कहना है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, जिससे लोगों का गुस्सा बढ़ गया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने देवरामपुर के युवकों को पकड़ लिया, जबकि अभद्रता करने वालों को अलग ले जाने लगी।
झड़प और पुलिस पर हमला
घटनास्थल पर माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने स्थिति को शांत करने की कोशिश की, लेकिन लोगों और पुलिस के बीच तीखी बहस हो गई। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। बताया गया कि कुछ पुलिसकर्मी इस दौरान घायल भी हुए।
गुरुवार सुबह जब पुलिस ने झगड़े में शामिल युवकों को हिरासत में लिया, तो गांव के लोग उन्हें छुड़ाने थाने पहुँच गए। इस दौरान फिर से तनाव की स्थिति बन गई।
पुलिस का बयान
अपर पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन सिंह ने बताया कि विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। दो पक्षों के बीच झगड़े ने हिंसक रूप ले लिया, और एक पक्ष के कुछ लोगों ने अचानक पुलिस पर हमला कर दिया।
उन्होंने कहा —
“हमने तत्काल कार्रवाई करते हुए 10 महिलाओं सहित 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी को न्यायालय में पेश किया गया, और उन्हें जेल भेज दिया गया है।”
पुलिस की अपील
एएसपी चंद्र मोहन सिंह ने बताया कि घटना में शामिल 15 अज्ञात लोगों की पहचान की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि —
“पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम है, किसी भी प्रकार की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”







