
कोटद्वार: निवेशकों से करोड़ों रुपये ठगने के आरोप में कोटद्वार पुलिस ने एक फर्जी वित्तीय कंपनी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कंपनी के मुख्य संचालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी को कई महीनों से आर्थिक धोखाधड़ी की शिकायतों में तलाशा जा रहा था।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पिछले वर्ष सितंबर 2023 से सितंबर 2024 के बीच कोटद्वार क्षेत्र में कई लोगों को एक निजी वित्तीय कंपनी द्वारा निवेश का लालच दिया गया। कंपनी के डायरेक्टर ने 100 रुपये से लेकर 36,500 रुपये तक के पैकेज में निवेश कराने का दावा किया, जिसके एवज में मोटा मुनाफा मिलने का भरोसा दिया जाता था।
धीरे-धीरे लोगों को भुगतान रोक दिया गया और कंपनी ने दफ्तर बंद कर दिया। इसी के बाद मामले की शिकायतें बढ़ने लगीं।
अधिकारिक जानकारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी के निर्देश पर आर्थिक अपराध से जुड़ी शिकायतों की जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि कंपनी के संचालक विनोद बिहार, श्यामपुर निवासी दिलीप सिंह बोहरा पुत्र बल बहादुर बोहरा निवेशकों से ठगी कर फरार हो गया था।
पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी और लगातार खोजबीन के बाद आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बिना वैध अनुमति वित्तीय योजनाएं संचालित कर रहा था।
जांच के अनुसार कंपनी ने जनता के बीच पाइपलाइन प्रोजेक्ट, बीमा योजनाएं और सरकारी सब्सिडी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की। कंपनी न तो किसी सरकारी संस्था में पंजीकृत थी, न ही किसी वित्तीय गतिविधि की अनुमति प्राप्त थी।
टीम में एसएसपी पौड़ी, एसपी कोटद्वार, सीओ, थाना कोतवाली की पुलिस टीम और एसओजी शामिल रही।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कई निवेशकों ने बताया कि उन्हें कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा लगातार अधिक मुनाफे का लालच दिया गया। भुगतान रुकने पर जब वे दफ्तर पहुंचे तो वह बंद मिला। लोगों ने कहा कि समय पर कार्रवाई न होती तो और भी कई लोग ठगी का शिकार हो जाते।
विशेषज्ञ टिप्पणी
आर्थिक अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की कंपनियाँ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में तेजी से फैल रही हैं। वे बिना पंजीकरण और बिना लाइसेंस निवेश योजनाएं चलाती हैं, इसलिए आम जनता को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
आगे क्या होगा
पुलिस अब कंपनी के अन्य जुड़े लोगों की तलाश कर रही है। सभी निवेशकों की शिकायतें दर्ज की जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी से बरामद दस्तावेजों और बैंक लेन-देन की जांच जारी है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







