
हरिद्वार: कोटद्वार में दुकान पर “बाबा” लिखे जाने से जुड़े विवाद के बाद चर्चा में आए दीपक को समर्थन देने जा रहे भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को हरिद्वार में पुलिस ने रोक लिया। मंगलवार को भीम आर्मी से जुड़े करीब 40–50 कार्यकर्ता कोटद्वार जाने के लिए निकले थे, लेकिन चंडीघाट चौकी पर पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक नोकझोंक चली। हालात तनावपूर्ण होते देख पुलिस ने सभी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर रोशनाबाद पुलिस लाइन भेज दिया, जहां से कुछ देर बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
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पृष्ठभूमि और संदर्भ
कोटद्वार में पिछले दिनों एक दुकान पर “बाबा” लिखे जाने को लेकर विवाद सामने आया था, जिसके बाद दीपक चर्चा का विषय बन गया। इस मामले को लेकर कई विपक्षी नेताओं ने दीपक के समर्थन में बयान दिए हैं, जिनमें राहुल गांधी का नाम भी शामिल है। इसी क्रम में भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह अपने समर्थकों के साथ दीपक से मिलने कोटद्वार जा रहे थे।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
पुलिस के अनुसार, कोटद्वार से मिले इनपुट के आधार पर वहां शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। मौके पर पहुंचे सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी, नगर कोतवाली प्रभारी रितेश शाह और इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह ने कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। यहां तक कि वीडियो कॉल के जरिए दीपक से बात कर समाधान निकालने की कोशिश भी की गई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद माहौल बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस ने सभी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
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स्थानीय प्रतिक्रिया
भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष भीम आर्मी से जुड़े महक सिंह ने आरोप लगाया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से दीपक से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने जबरन उन्हें रोका। उन्होंने कहा कि सरकार दमनकारी नीति अपना रही है और इस तरह की कार्रवाई से माहौल खराब किया जा रहा है।
आगे क्या होगा
पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि भविष्य में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका होगी, तो इसी तरह की एहतियाती कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, सभी कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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