
नैनीताल: नैनीताल स्थित उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उधम सिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र से जुड़े चर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपी जतिन को जमानत दे दी है। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो स्थानीय जमानतियों पर आरोपी को रिहा करने के आदेश दिए। यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि ट्रायल के दौरान पीड़िता के बयान बदलने, प्राथमिकी दर्ज होने में देरी और सह-आरोपी को पहले से मिली जमानत जैसे बिंदुओं को अदालत ने ध्यान में रखा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
यह मामला उधम सिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र का है, जहां पीड़िता की मां की ओर से कोतवाली खटीमा में तहरीर दी गई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। आरोप लगाया गया था कि सह-आरोपी नेहा, हिमांशु, संजीत सिंह राणा और जतिन पीड़िता को जंगल में ले गए, जहां उसे कोल्ड ड्रिंक पिलाई गई और बेहोशी की हालत में सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
यह मामला न केवल अपनी गंभीर प्रकृति के कारण चर्चा में रहा, बल्कि इसलिए भी कि अदालत के समक्ष गवाही के दौरान पीड़िता अपने पूर्व बयानों से पलट गई। ऐसे मामलों में न्यायिक प्रक्रिया, साक्ष्य और बयानों की भूमिका बेहद अहम हो जाती है, जिसका सीधा असर फैसलों पर पड़ता है।
पहले की घटनाओं का उल्लेख
मामले में मुख्य सह-आरोपी संजीत सिंह राणा को पहले ही निचली अदालत से जमानत मिल चुकी है। इसका आधार भी यही रहा कि पीड़िता ने अभियोजन की कहानी का समर्थन नहीं किया था। इसी क्रम में अब आरोपी जतिन को भी राहत मिली है।
आधिकारिक जानकारी
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि प्राथमिकी घटना के करीब आठ महीने बाद दर्ज की गई, जबकि देरी के लिए कोई ठोस कारण सामने नहीं आया। यह भी दलील दी गई कि आरोपी जतिन का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह 28 मार्च 2025 से जेल में बंद था। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने जमानत मंजूर की।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि मामला शुरू से ही संवेदनशील रहा है और न्यायालय के फैसले के बाद क्षेत्र में इस पर नई बहस शुरू हो गई है। कुछ लोगों ने निष्पक्ष जांच और तेज न्यायिक प्रक्रिया की जरूरत पर जोर दिया।
आंकड़े / डेटा
इस मामले में आरोपी को 25,000 रुपये के निजी मुचलके और उतनी ही राशि के दो स्थानीय जमानतियों पर रिहा करने का आदेश दिया गया है। प्राथमिकी दर्ज होने में करीब आठ महीने की देरी सामने आई थी।
आगे क्या होगा
मामले की आगे की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में जारी रहेगी। जमानत मिलने के बावजूद आरोपी को अदालत द्वारा तय शर्तों का पालन करना होगा। आने वाले समय में गवाहों की गवाही और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अंतिम फैसला तय होगा।







