
खटीमा: खटीमा दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को युवाओं और छात्रों के बीच समय बिताते हुए खेल और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। बिरिया मझोला क्षेत्र में नशा मुक्ति अभियान से जुड़े ग्रामीण क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने खुद बल्ला थामकर बल्लेबाजी की, जिससे मौजूद युवा खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला। इसके बाद उन्होंने खटीमा महाविद्यालय में आयोजित विंटर कार्निवाल में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। यह दौरा इसलिए अहम रहा क्योंकि इसमें खेल, नशा रोकथाम और छात्र गतिविधियों—तीनों को एक साथ मंच मिला।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने तय कार्यक्रम के अनुसार चंपावत दौरे से लौटते हुए शाम को अपने गृह क्षेत्र खटीमा पहुंचे। बिरिया मझोला में आयोजित ग्रामीण क्रिकेट टूर्नामेंट स्वर्गीय मनीष चंद की स्मृति में रखा गया था, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे के प्रति जागरूक करना और खेलों की ओर प्रेरित करना रहा। वहीं, खटीमा महाविद्यालय में पहली बार छात्र संघ द्वारा विंटर कार्निवाल का आयोजन किया गया, जिसमें शैक्षणिक संस्थान के सांस्कृतिक और सामाजिक प्रयासों को सामने लाया गया।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास को लेकर लगातार काम कर रही है और नई खेल नीति के माध्यम से प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आठ प्रमुख शहरों में खेल अकादमियां बनाई जा रही हैं, जिनके जरिए बड़ी संख्या में एथलीटों को तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सामान्य परिवार का कोई भी बच्चा केवल संसाधनों के अभाव में खेल से वंचित नहीं रहेगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री का इस तरह युवाओं के बीच पहुंचना और स्वयं खेल गतिविधियों में भाग लेना प्रेरणादायक है। खिलाड़ियों और अभिभावकों ने बताया कि नशा मुक्ति जैसे सामाजिक विषय को खेल से जोड़ना ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक असर डालता है।
आंकड़े और तथ्य
राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के आठ शहरों में खेल अकादमियां स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है, जिनमें लगभग एक हजार उभरते खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
आगे क्या होगा
प्रशासनिक स्तर पर नशा मुक्ति और खेल गतिविधियों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजनों को आगे भी समर्थन देने की बात कही गई है। स्थानीय आयोजकों को उम्मीद है कि भविष्य में इस तरह के टूर्नामेंट और बड़े स्तर पर आयोजित होंगे।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
खटीमा और आसपास के क्षेत्रों में इससे पहले भी सामाजिक जागरूकता से जुड़े खेल आयोजन किए जाते रहे हैं, जिनमें प्रशासनिक प्रतिनिधियों की भागीदारी युवाओं के लिए प्रेरक रही है।
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